जैतून का तेल (Olive Oil) के नियमित सेवन से हृदय रोग का खतरा कैसे कम होता है – इसके प्रमुख बिंदु आगे दिए गए हैं:

जैतून के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (MUFA) प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो हृदय के लिए फायदेमंद और वसा युक्त होते हैं और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाते हैं।

इसमें पॉलीफेनॉल्स जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो हृदय की कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाते हैं और सूजन को कम करते हैं।

जैतून का तेल ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने में मदद करता है, जो हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी हृदय संबंधी समस्याओं से बचाव करता है।

यह LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) को घटाता है और HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) को बढ़ाता है, जिससे धमनियों में रुकावट का खतरा कम होता है।

जैतून का तेल शरीर में क्रोनिक इन्फ्लेमेशन (Chronic Inflammation) को कम करता है, जो हृदय रोगों का एक प्रमुख कारण होता है।

इसके सेवन से धमनियों की कठोरता (Arterial Stiffness) कम होती है, जिससे रक्त प्रवाह बेहतर होता है और दिल पर दबाव नहीं पड़ता।

जो लोग जैतून का तेल नियमित रूप से खाते हैं, उनमें दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा काफी कम हो जाता है।

जैतून का तेल पेट भरने में सहायक होता है, जिससे ओवरईटिंग नहीं होती और मोटापा नियंत्रित रहता है — मोटापा भी हृदय रोग का एक बड़ा कारण है।

हमेशा Extra Virgin Olive Oil का प्रयोग करें, जो शुद्ध और कम प्रोसेस्ड होता है। इसे सलाद ड्रेसिंग, हल्के खाने या उबालने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।