तनाव, गलत खानपान और बैक्टीरिया के कारण नाक पर पिंपल्स होते हैं। इन्हें रोकने के लिए स्ट्रेस मैनेजमेंट + सही स्किनकेयर जरूरी है! जो आज इस लेख में जानेंगे।
तनाव के कारण कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो त्वचा की तेल ग्रंथियों को सक्रिय कर देता है। इससे नाक के पोर्स बंद होकर पिंपल्स हो जाते हैं।
तनाव से त्वचा की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, जिससे पिंपल्स जल्दी बनते हैं और ज्यादा दिखाई देते हैं।
तनावग्रस्त शरीर में त्वचा की रिपेयर प्रक्रिया धीमी हो जाती है, इसलिए नाक के पिंपल्स जल्दी नहीं मिटते।
तनाव में लोग अक्सर अनजाने में नाक या चेहरा छूते हैं, जिससे बैक्टीरिया फैलकर पिंपल्स का कारण बनते हैं।
पीरियड्स, PCOS या थायरॉइड के दौरान हार्मोन्स बिगड़ते हैं, जिससे नाक पर दाने या सिस्टिक पिंपल्स हो सकते हैं।
ज्यादा तेल-मसाले, डेयरी प्रोडक्ट्स या शुगर खाने से भी नाक पर पिंपल्स निकल आते हैं।
P. acnes बैक्टीरिया तनाव और गंदगी के कारण पोर्स में जमा होकर इन्फेक्शन और पस पैदा कर देता है।
गर्मी में पसीना + धूल मिलकर नाक के पोर्स बंद कर देते हैं, जिससे ब्लैकहेड्स और पिंपल्स होते हैं।
– हैवी मेकअप या गलत स्किनकेयर प्रोडक्ट्स से भी नाक की त्वचा में रुकावट और एलर्जी हो सकती है।