डेंटल में इम्प्लांट में क्या होता है 

डेंटल में इम्प्लांट में क्या होता है 

1. टाइटेनियम पोस्ट – इम्प्लांट एक छोटी टाइटेनियम की पोस्ट (स्क्रू) होती है, जो जबड़े की हड्डी में फिट की जाती है।

दांत की जड़ का काम – यह पोस्ट प्राकृतिक दांत की जड़ (Root) की तरह काम करती है और हड्डी के साथ जुड़ जाती है

1. एबटमेंट (Abutment) – पोस्ट के ऊपर एक कनेक्टर लगाया जाता है, जो क्राउन (दिखने वाला दांत) को होल्ड करता है।

1. डेंटल क्राउन – एबटमेंट के ऊपर एक सिरेमिक या मेटल-सेरामिक क्राउन लगाया जाता है, जो प्राकृतिक दांत जैसा दिखता है।

1. प्रक्रिया – इम्प्लांट लगाने में कई महीने लग सकते हैं, क्योंकि हड्डी और इम्प्लांट के बीच जुड़ाव (Integration) का इंतजार करना पड़ता है।

बोन ग्राफ्टिंग (जरूरत पड़ने पर) – अगर हड्डी कमजोर है, तो पहले बोन ग्राफ्टिंग की जाती है

1. एनेस्थीसिया के साथ सर्जरी – इम्प्लांट लगाने के लिए माइनर सर्जरी की जाती है, जो लोकल एनेस्थीसिया में होती है।

1. उच्च टेक्नोलॉजी – आजकल डिजिटल इम्प्लांट प्लानिंग (CBCT स्कैन, 3D गाइडेड सर्जरी) से प्रक्रिया और सटीक हो गई है।