आज की तेज़ रफ्तार (जेट लेग) ज़िंदगी में हवाई यात्रा आम बात हो गई है। लोग बिज़नेस, पढ़ाई, टूरिज़्म या फैमिली विज़िट के लिए देश-विदेश का सफर करते हैं। लेकिन लंबी दूरी की फ्लाइट के बाद अक्सर एक समस्या सामने आती है जिसे हम जेट लेग (Jet Lag) कहते हैं। यह एक अस्थायी लेकिन परेशान करने वाली स्थिति है, जिसमें व्यक्ति की नींद, ऊर्जा स्तर और भूख जैसे काम गड़बड़ा जाते हैं।
आइए इस लेख में विस्तार से समझते हैं कि जेट लेग क्या होता है, इसके लक्षण, कारण और इससे कैसे बचा जा सकता है।
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जेट लेग क्या है (What is Jet Lag?)
जेट लेग एक अस्थायी विकार (temporary disorder) है जो तब होता है जब आप एक टाइम ज़ोन से दूसरे टाइम ज़ोन में तेजी से यात्रा करते हैं — जैसे भारत से अमेरिका या दुबई से जापान। हमारे शरीर की एक आंतरिक घड़ी होती है जिसे Circadian Rhythm कहा जाता है। यह घड़ी सोने-जागने, खाने और अन्य शारीरिक कार्यों का समय तय करती है।
जब हम अचानक कई टाइम ज़ोन पार कर लेते हैं, तो यह आंतरिक घड़ी नए समय के अनुसार तालमेल नहीं बिठा पाती, और यहीं से शुरू होता है जेट लेग।
जेट लेग के मुख्य लक्षण
- नींद की गड़बड़ी: रात में नींद नहीं आना या बहुत जल्दी जाग जाना।
- थकान और कमजोरी: बिना काम के ही थका हुआ महसूस करना।
- भूख का समय बदल जाना: भूख समय से पहले या देर से लगना।
- मूड स्विंग्स: चिड़चिड़ापन, चिंता या डिप्रेशन जैसा महसूस होना।
- ध्यान केंद्रित न कर पाना: पढ़ने, काम करने या बातचीत में मन न लगना।
- पेट से जुड़ी दिक्कतें: जैसे कब्ज़, गैस या दस्त।
क्यों होता है Jet Lag?
हमारे शरीर की घड़ी सूरज की रोशनी के अनुसार चलती है। जब हम एक नई जगह पहुंचते हैं जहां सूरज का समय बदल चुका होता है, तो हमारा शरीर उसी पुराने समय के अनुसार चलना चाहता है। इससे शरीर और वातावरण के बीच तालमेल नहीं बनता, और हमें थकान और नींद जैसी समस्याएं होती हैं।
दिशा का असर: East vs West
- पूर्व की ओर यात्रा (Eastbound Travel): जैसे भारत से जापान। इस दिशा में दिन छोटा हो जाता है, यानी आपको जल्दी सोना पड़ता है। इसलिए यह ज़्यादा चुनौतीपूर्ण होता है।
- पश्चिम की ओर यात्रा (Westbound Travel): जैसे भारत से यूरोप या अमेरिका। दिन लंबा हो जाता है, इसलिए शरीर को एडजस्ट करने में थोड़ा आसानी होती है।
जेट लेग से बचाव कैसे करें?
1. यात्रा से पहले ही शेड्यूल बदलें
ट्रैवल करने से 2-3 दिन पहले, सोने और जागने का समय उस जगह के अनुसार थोड़ा-थोड़ा बदलें।
2. धूप का फायदा लें
नई जगह पहुंचने के बाद सुबह की धूप में समय बिताएं। सूर्य की रोशनी आपकी बॉडी क्लॉक को रिसेट करने में मदद करती है।
3. नींद के लिए प्राकृतिक तरीके अपनाएं
जरूरत हो तो Melatonin सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह से लें। यह हार्मोन नींद लाने में मदद करता है।
4. पानी खूब पिएं
डिहाइड्रेशन जेट लेग को और बढ़ा सकता है। फ्लाइट के दौरान और बाद में भरपूर पानी पीना ज़रूरी है।
5. कैफीन और अल्कोहल से परहेज़ करें
ये दोनों चीज़ें नींद को प्रभावित करती हैं और शरीर की घड़ी को और गड़बड़ा सकती हैं।
6. पावर नैप लें लेकिन सीमित समय तक
20-30 मिनट की झपकी लें, पर ज्यादा देर न सोएं ताकि रात को नींद आ सके।
इलाज कब ज़रूरी है?
Jet Lag सामान्यतः 2 से 5 दिनों में ठीक हो जाता है। लेकिन अगर:
- यह एक हफ्ते से ज़्यादा समय तक बना रहे
- आपकी नींद पूरी तरह खराब हो जाए
- डिप्रेशन या एंग्जायटी की स्थिति बन जाए
तो डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है।
निष्कर्ष
Jet Lag भले ही एक आम समस्या हो, लेकिन यदि आप कुछ आसान बातों का ध्यान रखें तो इससे बचना या इसे जल्दी ठीक करना संभव है। हवाई यात्रा के पहले और बाद में थोड़ा सतर्क रहकर आप अपनी सेहत और मूड दोनों को बेहतर बना सकते हैं। धैर्य रखें, अपने शरीर को समय दें और धीरे-धीरे नए टाइम ज़ोन के अनुसार ढल जाएं।
FAQs: जेट लेग से जुड़े सामान्य सवाल
1. जेट लेग कितने दिन तक रहता है?
आमतौर पर 2 से 5 दिन तक, लेकिन अगर टाइम ज़ोन में ज्यादा अंतर हो तो यह 7-8 दिन तक भी रह सकता है।
2. क्या जेट लेग सिर्फ इंटरनेशनल फ्लाइट में होता है?
नहीं, अगर एक ही देश में भी टाइम ज़ोन बहुत बदल जाए (जैसे अमेरिका के कोस्ट-टू-कोस्ट), तो भी Jet Lag हो सकता है।
3. क्या बच्चों को भी जेट लेग होता है?
हाँ, लेकिन वे अक्सर जल्दी एडजस्ट कर जाते हैं। फिर भी, छोटे बच्चों में नींद और भूख का शेड्यूल बिगड़ सकता है।
4. जेट लेग और थकान में क्या फर्क है?
सिर्फ थकान कुछ समय की शारीरिक कमजोरी है, जबकि Jet Lag में नींद, भूख, मूड और मानसिक स्थिति भी प्रभावित होती है।
5. क्या कोई दवा है जिससे जेट लेग रोका जा सकता है?
Melatonin सप्लीमेंट और कुछ स्लीपिंग पिल्स दी जा सकती हैं लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना इनका सेवन न करें।
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