मानव शरीर का घुटना बहुत ही जटिल और संवेदनशील हिस्सा होता है, जो चलने-फिरने, दौड़ने, बैठने और खड़े होने में अहम भूमिका निभाता है। इस घुटने को स्थिर रखने में चार मुख्य लिगामेंट्स (ligaments) मदद करते हैं, जिनमें से एक है Posterior Cruciate Ligament (PCL)। जब इस लिगामेंट में चोट आती है, तो उसे PCL Injury कहा जाता है।
बरसों तक यह चोट नजरअंदाज की जाती रही है, लेकिन अब स्पोर्ट्स पर्सन, युवाओं और यहां तक कि सामान्य लोगों में भी यह समस्या आम होती जा रही है। इस लेख में हम जानेंगे कि PCL Injury क्या होती है, इसके लक्षण क्या होते हैं, यह क्यों होती है और इसका इलाज किस तरह किया जाता है।
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PCL क्या है और इसका क्या कार्य होता है?
PCL यानी Posterior Cruciate Ligament, घुटने के पीछे मौजूद एक मजबूत लिगामेंट होती है। यह जांघ की हड्डी (Femur) और पिंडली की हड्डी (Tibia) को आपस में जोड़ती है। इसका मुख्य कार्य घुटने को पीछे की ओर फिसलने से रोकना होता है। यह खासतौर पर तेज़ दौड़ने, चढ़ाई करने और भारी वजन उठाने जैसी गतिविधियों में घुटने को स्थिर बनाए रखने में सहायता करती है।
PCL Injury क्यों होती है?
PCL Injury मुख्यतः किसी बाहरी झटके, चोट या गिरने की वजह से होती है। अक्सर यह समस्या उन लोगों में देखी जाती है जो खेलों में सक्रिय रहते हैं या जिनका जीवनशैली तेज गति और फिजिकल एक्टिविटी से भरपूर होता है।
कुछ आम कारण इस प्रकार हैं:
- खेल के दौरान घुटने के पीछे चोट लगना
- सड़क दुर्घटना में डैशबोर्ड से टकराना
- सीढ़ियों या ऊँचाई से गिरना
- भारी वजन उठाते समय घुटने पर दबाव पड़ना
- अचानक दौड़ते समय घुटने का मुड़ जाना
इन स्थितियों में घुटने के पीछे मौजूद लिगामेंट पर अचानक खिंचाव आता है, जिससे वह आंशिक या पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो सकता है।
PCL Injury के लक्षण
PCL Injury के लक्षण शुरू में बहुत स्पष्ट नहीं होते। कई बार लोग इसे मामूली मोच समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, लक्षण गंभीर होते जाते हैं।
इस चोट के कुछ प्रमुख लक्षण हैं:
- घुटने में अचानक सूजन और दर्द
- चलने या दौड़ने में अस्थिरता महसूस होना
- सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में कठिनाई
- लंबे समय तक खड़े रहने या बैठने पर दर्द बढ़ना
- घुटने में कमजोरी, जैसे वह झुक रहा हो
यदि ये लक्षण लगातार बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना ज़रूरी होता है।
PCL Injury का परीक्षण और निदान
PCL Injury की पुष्टि के लिए डॉक्टर पहले शारीरिक परीक्षण (Physical Examination) करते हैं, जिसमें वे घुटने को हल्का मोड़ते हैं और दबाव देकर उसकी स्थिरता की जांच करते हैं।
इसके अलावा कुछ प्रमुख जांचें की जाती हैं:
- MRI स्कैन: लिगामेंट में आई चोट की गहराई जानने के लिए
- X-ray: हड्डी में फ्रैक्चर या असमानता की पुष्टि के लिए
- Knee Stress Test: घुटने की मूवमेंट और लचीलापन जांचने के लिए
इन परीक्षणों से यह पता चलता है कि चोट कितनी गंभीर है और किस स्तर पर इलाज की ज़रूरत है।
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PCL Injury का इलाज कैसे होता है?
PCL Injury का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि चोट कितनी गंभीर है – हल्की है, मध्यम है या पूरी तरह लिगामेंट फट चुका है।
1. हल्की चोट में इलाज
यदि लिगामेंट आंशिक रूप से खिंचा या फटा है, तो सामान्य इलाज से ठीक हो सकता है:
- आराम (Rest) – घुटने को ज़्यादा चलने-फिरने से बचाएं
- बर्फ की सिकाई (Ice Therapy) – सूजन कम करने के लिए
- घुटना बांधना (Compression) – सपोर्ट देने के लिए
- ऊँचाई पर रखना (Elevation) – सूजन कम करने हेतु
साथ ही, फिजियोथेरेपी से घुटने को दोबारा मज़बूत किया जा सकता है।
2. गंभीर चोट में इलाज
यदि PCL पूरी तरह से फट चुका है या चोट पुरानी हो चुकी है, तो सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है:
- PCL Reconstruction Surgery – इस प्रक्रिया में एक ग्राफ्ट (नई लिगामेंट) लगाई जाती है
- इसके बाद करीब 6 से 9 महीनों तक रिकवरी और फिजियोथेरेपी की जाती है
रिकवरी का समय
- हल्की चोट: 4–6 हफ्ते
- मध्यम चोट: 2–3 महीने
- सर्जरी के बाद: 6–9 महीने
रिकवरी के दौरान लगातार फिजियोथेरेपी, डॉक्टर की सलाह और घुटने को उचित आराम देना बेहद ज़रूरी होता है।
PCL Injury से कैसे बचा जाए?
चोट लगने से बेहतर है कि पहले से सतर्क रहें। नीचे दिए गए उपायों से आप इस तरह की चोट से खुद को बचा सकते हैं:
- व्यायाम से पहले वार्मअप जरूर करें
- घुटनों को सपोर्ट देने वाला नी-ब्रेस पहनें
- सही जूते पहनें जो फिसलन न करें
- भारी वजन उठाते समय घुटनों को सीधा रखें
- पैरों की मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखें
निष्कर्ष
PCL Injury एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य समस्या है। यह चोट आपके दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती है यदि समय पर इसका पता न चले। इसलिए, यदि आपको घुटने में बार-बार दर्द, सूजन या अस्थिरता महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें।
स्वस्थ घुटना, सक्रिय जीवनशैली की कुंजी है।