स्किन को फ्रेश रखने के लिए टोनर बहुत जरूरी है। यह पोर्स को टाइट करता है और इंफेक्शन से बचाता है। एलोवेरा या गुलाब जल टोनर बेहतर विकल्प हैं।
Image Credit: QWEN
नीम, चंदन और मुल्तानी मिट्टी से बना घरेलू फेस पैक सप्ताह में एक बार लगाने से स्किन डीप क्लीन होती है और ब्रेकआउट्स कम होते हैं।
Image Credit: QWEN
मानसून में धूल, पसीना और नमी से पोर्स जल्दी ब्लॉक हो जाते हैं। दिन में कम से कम 2 बार माइल्ड, फोम-बेस्ड फेस वॉश से चेहरा धोना जरूरी है। इससे चेहरे से ऑयल और गंदगी निकलती है।
Image Credit: QWEN
मानसून में ऑयली स्किन वाले लोग अक्सर मॉइश्चराइज़र छोड़ देते हैं, जो गलत है। जेली-आधारित या जेल फॉर्म वाला लाइट मॉइश्चराइज़र चुनें ताकि त्वचा हाइड्रेटेड रहे लेकिन चिपचिपी न लगे।
Image Credit: QWEN
बरसात में बादल छाए रहने पर भी UV किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। वाटर-रेसिस्टेंट, कम से कम SPF 30 वाला सन्सक्रीन हर दिन लगाएं।
Image Credit: QWEN
स्किन से डेड सेल्स हटाने के लिए हफ्ते में 1 या 2 बार माइल्ड एक्सफोलिएशन ज़रूरी है। इससे चेहरे पर ताजगी और ग्लो बना रहता है।
Image Credit: QWEN
मानसून में शरीर के जोड़ों (जैसे बगल, गर्दन, जांघों) में फंगल संक्रमण आम है। स्नान के बाद एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल करें और शरीर को पूरी तरह सुखा लें।
Image Credit: QWEN
गीले कपड़े पहनकर देर तक न रहें।गंदे हाथों से चेहरे को न छुएं।हर दिन साफ़ तौलिया और तकिया कवर इस्तेमाल करें।बहुत ज्यादा मेकअप से बचें। पसीना और मेकअप मिलकर पोर्स ब्लॉक करते हैं।