एसिडिटी और सीने में जलन (हार्टबर्न) की समस्या आजकल आम हो गई है। गलत खानपान, तनाव और अनियमित जीवनशैली के कारण पेट में अम्ल की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे सीने में जलन, खट्टी डकारें और बेचैनी होती है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो यह जानना जरूरी है कि एसिडिटी होने पर क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए।
इस लेख में हम आपको एसिडिटी और हार्टबर्न से राहत पाने के लिए सही आहार, घरेलू उपाय और जीवनशैली में बदलाव के बारे में बताएंगे।
इसे भी पड़े:- गर्दन में सूजन या गले में खराश: 6 कारण, लक्षण और 5 घरेलू उपचार
Table of Contents
एसिडिटी और सीने में जलन के कारण
एसिडिटी तब होती है जब पेट में बनने वाला अम्ल (एसिड) भोजन नली (एसोफैगस) में वापस आ जाता है। इसके प्रमुख कारण हैं:
1- अधिक मिर्च-मसालेदार और तला हुआ भोजन
2- ज्यादा चाय, कॉफी या सोडा पीना
3- धूम्रपान और शराब का सेवन
4- अनियमित खानपान और देर रात खाना खाना
5- तनाव और नींद की कमी
6- कुछ दवाइयों का साइड इफेक्ट
एसिडिटी और हार्टबर्न होने पर क्या खाएं?
1. ठंडा दूध
दूध में कैल्शियम होता है, जो पेट के एसिड को न्यूट्रलाइज करता है। एक गिलास ठंडा दूध पीने से सीने की जलन में तुरंत आराम मिलता है।
2. केला
केला प्राकृतिक एंटासिड की तरह काम करता है। इसमें मौजूद पोटैशियम और फाइबर पाचन को दुरुस्त रखते हैं और
Acidity को कम करते हैं।
3. नारियल पानी
नारियल पानी पीएच लेवल को संतुलित करता है और पेट की जलन को शांत करता है। यह पेट में एसिड के अधिक उत्पादन को रोकता है।
4. ओट्स (जई का दलिया)
ओट्स फाइबर से भरपूर होता है और पेट में एसिड को अवशोषित करके जलन को कम करता है। सुबह नाश्ते में ओट्स खाने से Acidity नहीं होती।
5. अदरक
अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पाचन को सुधारते हैं। अदरक की चाय या अदरक का रस शहद के साथ लेने से Acidity में आराम मिलता है।
6. तरबूज और खरबूजा
ये फल पानी की मात्रा से भरपूर होते हैं और पेट में एसिड को कम करते हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन को आसान बनाता है।
7. सौंफ
सौंफ में एंटी-अल्सर गुण होते हैं। भोजन के बाद सौंफ चबाने या सौंफ की चाय पीने से एसिडिटी कम होती है।
8. पुदीना
पुदीना पेट की ठंडक बढ़ाता है और एसिडिटी से राहत देता है। पुदीने की चाय या पुदीने के रस का सेवन फायदेमंद होता है।
9. एलोवेरा जूस
एलोवेरा जूस पेट की सूजन को कम करता है और एसिड रिफ्लक्स से बचाता है। सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस पीना लाभदायक होता है।
10. जीरा
जीरा पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करता है और Acidity को कम करता है। जीरे को पानी में उबालकर पीने से सीने की जलन दूर होती है।
हल्का खाना खाएं – एसिडिटी और पाचन के लिए फायदेमंद
Acidity, सीने में जलन और पेट की अन्य समस्याओं से बचने के लिए हल्का खाना खाना एक अच्छा उपाय है। भारी, तला-भुना या मसालेदार भोजन पचने में मुश्किल होता है, जिससे पेट में अम्ल बढ़ता है और सीने में जलन होती है। इसलिए, जब भी Acidity की समस्या हो, तो हल्का, सुपाच्य और कम मसाले वाला भोजन ही करें।
हल्का खाना क्या होता है?
हल्का खाना वह होता है जो:
✔ आसानी से पच जाए
✔ पेट में भारीपन न पैदा करे
✔ प्राकृतिक रूप से पोषक तत्वों से भरपूर हो
एसिडिटी में कौन-सा हल्का खाना खाएं?
- मूंग दाल की खिचड़ी – यह पचने में आसान और पौष्टिक होती है।
- उबले हुए चावल – थोड़े से घी या दही के साथ खाएं।
- सब्जियों का सूप – गाजर, लौकी और पालक का सूप फायदेमंद है।
- दलिया (ओट्स या सूजी का) – इसमें घी और हल्के मसाले डालकर खाएं।
- रोटी के साथ हरी सब्जियाँ – पालक, लौकी या तोरी जैसी सब्जियाँ आसानी से पच जाती हैं।
हल्का खाना खाने के फायदे
1- पाचन तंत्र को आराम मिलता है
2- एसिडिटी और गैस की समस्या कम होती है
3- भोजन जल्दी पच जाता है
4- शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है बिना भारीपन के
हल्का और सुपाच्य भोजन करने से न सिर्फ Acidity से बचाव होता है, बल्कि पेट भी स्वस्थ रहता है। इसलिए, जब भी पेट में जलन या अपच महसूस हो, हल्का खाना ही चुनें!
इसे भी पड़े- डायबिटीज ओरल हेल्थ को कैसे प्रभावित करता है? जानें इसके लक्षण, 6 कारण और बचाव के उपाय
एसिडिटी में क्या न खाएं?
- मिर्च-मसालेदार भोजन
- खट्टे फल (संतरा, नींबू, टमाटर)
- फास्ट फूड और तले हुए पदार्थ
- चॉकलेट और कैफीन युक्त पेय
- शराब और धूम्रपान
- प्याज और लहसुन (अधिक मात्रा में)
- कार्बोनेटेड ड्रिंक्स (सोडा, कोल्ड ड्रिंक्स)
निष्कर्ष
Acidity और सीने में जलन की समस्या को सही आहार और जीवनशैली में बदलाव करके नियंत्रित किया जा सकता है। ऊपर बताए गए खाद्य पदार्थों का सेवन करें और हानिकारक चीजों से परहेज करें। यदि समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
FAQs (एसिडिटी और हार्टबर्न के बारे में सवाल-जवाब)
1. क्या दही एसिडिटी में फायदेमंद है?
हां, दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो पाचन को सुधारते हैं, लेकिन इसे ताजा और मीठा दही ही खाएं। खट्टा दही नुकसान कर सकता है।
2. एसिडिटी में शहद कैसे फायदेमंद है?
शहद में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। एक चम्मच शहद गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से Acidity कम होती है।
3. क्या Acidity में नींबू पानी पीना सही है?
सामान्यतः नींबू पानी Acidity बढ़ा सकता है, लेकिन गुनगुने पानी में थोड़ा नींबू और शहद मिलाकर पीने से कुछ लोगों को आराम मिलता है।
4. एसिडिटी में कौन सी चाय पीनी चाहिए?
अदरक वाली चाय, हर्बल टी या कैमोमाइल टी पी सकते हैं। ब्लैक टी और कॉफी से बचें।
5. क्या एसिडिटी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकती है?
यदि Acidity लगातार बनी रहे, तो यह GERD (गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज) या अल्सर का लक्षण हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर से परामर्श लें।