क्या हाई यूरिक एसिड होने पर किडनी प्रभावित हो सकती है? जानिए इसके 8 प्रमुख कारण और किडनी पर प्रभाव

आप में से बहुत से लोगो का ये सवाल था कि क्या हाई यूरिक एसिड होने पर किडनी प्रभावित हो सकती है? तो आज इस लेख में हम इसी से जुड़े सभी सवाल का जबाब देंगे। हमारा शरीर रोज़ कई प्रकार के मेटाबॉलिक प्रोसेस से गुजरता है। इन्हीं में से एक प्रक्रिया है प्यूरिन (Purine) का ब्रेकडाउन। जब प्यूरिन टूटता है, तो उससे एक बाय-प्रोडक्ट बनता है जिसे हम यूरिक एसिड (Uric Acid) कहते हैं। सामान्य स्थिति में, यह यूरिक एसिड खून से फिल्टर होकर किडनी के माध्यम से यूरिन के रास्ते बाहर निकल जाता है।

लेकिन जब किसी कारणवश Uric Acid का लेवल बढ़ने लगे, या किडनी इसे अच्छे से बाहर न निकाल सके — तब यह खून में जमा होने लगता है और कई समस्याएं पैदा करता है। उनमें सबसे गंभीर समस्या है किडनी पर असर।

क्या हाई यूरिक एसिड किडनी को नुकसान पहुंचाता है?

हां, जब शरीर में Uric Acid की मात्रा अधिक हो जाती है (Hyperuricemia), तो यह किडनी की कार्यप्रणाली पर बुरा असर डालता है। यूरिक एसिड के क्रिस्टल किडनी में जमा हो सकते हैं, जिससे किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी), नेफ्रोपैथी, और क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर इसका समय रहते इलाज न किया जाए, तो यह डायलिसिस या किडनी फेलियर तक भी पहुंच सकता है।

हाई यूरिक एसिड के 8 प्रमुख कारण (8 Causes of High Uric Acid)

1. प्यूरिन युक्त आहार का अत्यधिक सेवन

रेड मीट, मछली, अंडा, दालें, सोया, पालक, मशरूम और पनीर जैसे खाद्य पदार्थों में प्यूरिन अधिक मात्रा में पाया जाता है। जब हम इन्हें अधिक मात्रा में खाते हैं, तो शरीर में यूरिक एसिड का स्तर भी तेजी से बढ़ जाता है।

2. शराब का सेवन (Alcohol Consumption)

शराब, खासकर बियर और व्हिस्की में उच्च मात्रा में प्यूरिन होता है। शराब शरीर की यूरिक एसिड निकालने की प्रक्रिया को भी धीमा कर देती है, जिससे इसका स्तर खून में बढ़ जाता है।

3. डिहाइड्रेशन या कम पानी पीना

जब आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं, तो किडनी के लिए यूरिक एसिड को फिल्टर करना कठिन हो जाता है। इससे यूरिक एसिड शरीर में जमा होने लगता है।

4. मोटापा और लाइफस्टाइल डिसऑर्डर

ओवरवेट लोगों में मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे यूरिक एसिड का उत्पादन बढ़ जाता है और शरीर उसे बाहर नहीं निकाल पाता। इसके साथ ही, हाई बीपी, डायबिटीज जैसी बीमारियाँ भी जुड़ जाती हैं।

5. डायबिटीज और इंसुलिन रेसिस्टेंस

इंसुलिन रेसिस्टेंस यूरिक एसिड की किडनी द्वारा फिल्ट्रेशन को कम कर देती है। इस स्थिति में यूरिक एसिड खून में रह जाता है और धीरे-धीरे खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है।

6. कुछ दवाओं का सेवन

डाईयूरेटिक्स (पानी की गोली), एस्पिरिन, और कुछ कीमोथेरेपी दवाएं यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकती हैं। यदि आप लगातार ऐसी दवाएं ले रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर यूरिक एसिड की जांच करानी चाहिए।

7. थायरॉइड की समस्या और जेनेटिक कारण

हाइपोथायरॉइडिज़्म (कम थायरॉइड हार्मोन) और कुछ आनुवांशिक कारण भी शरीर में Uric Acid की अधिकता का कारण बन सकते हैं।

8. किडनी की कार्यक्षमता में गिरावट

यदि आपकी किडनी पहले से ही कमजोर है या किसी बीमारी से प्रभावित है, तो वह Uric Acid को सही तरीके से बाहर नहीं निकाल पाती, जिससे यह और भी जमा होने लगता है और किडनी पर बोझ बढ़ता है।

हाई यूरिक एसिड से किडनी पर होने वाले 5 मुख्य प्रभाव

1. किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी)

Uric Acid किडनी में क्रिस्टल के रूप में जमा हो जाता है, जिससे पथरी बन जाती है। यह दर्दनाक हो सकती है और पेशाब में खून तक आ सकता है।

2. नेफ्रोपैथी (Uric Acid Nephropathy)

Uric Acidकी अधिकता से किडनी टिशू में सूजन आ जाती है। यह स्थिति गंभीर होती है और किडनी की कार्यक्षमता को नुकसान पहुंचाती है।

3. क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD)

लंबे समय तक हाई Uric Acid रहने से किडनी धीरे-धीरे खराब होने लगती है। यह एक क्रॉनिक बीमारी बन जाती है जिसे मैनेज करना मुश्किल हो सकता है।

4. एक्यूट किडनी फेलियर

अचानक से Uric Acid का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाने पर किडनी पूरी तरह से फेल हो सकती है। इसे एक मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है।

5. डायलिसिस या ट्रांसप्लांट की जरूरत

अगर समय रहते Uric Acid कंट्रोल न किया जाए, तो स्थिति इतनी बिगड़ सकती है कि डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट कराना पड़े।

लक्षण (Symptoms) जो संकेत दे सकते हैं कि Uric Acid बढ़ा हुआ है:

  • जोड़ों में दर्द और सूजन (गठिया)
  • पेशाब में जलन या खून
  • पीठ के निचले हिस्से में दर्द
  • पेशाब का रंग गहरा होना
  • थकान और उलझन
  • त्वचा पर खुजली या रैशेज

उपाय और परहेज (Prevention and Remedies):

क्या करें:

  • रोज़ाना 2-3 लीटर पानी पिएं
  • फल और सब्ज़ियाँ अधिक खाएं
  • एक्सरसाइज करें, वजन कंट्रोल में रखें
  • समय-समय पर Uric Acid और किडनी की जांच कराएं
  • डॉक्टर की सलाह से अलोपैथिक या आयुर्वेदिक दवाएं लें

क्या न करें:

  • रेड मीट, मछली, शराब और फ्राइड फूड से बचें
  • खुद से दवाएं लेना बंद करें
  • सॉफ्ट ड्रिंक्स और ज्यादा मीठा खाने से बचें

कुछ घरेलू उपाय (Home Remedies):

  • अंजीर और मेथी का पानी: सूजन और Uric Acid को कम करने में सहायक
  • अदरक का सेवन: एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं
  • सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar): Uric Acid संतुलन में मदद कर सकता है
  • नींबू पानी: शरीर को अल्कलाइन करता है और Uric Acid बाहर निकालता है

FAQs:

1. क्या यूरिक एसिड की जांच फास्टिंग में करानी चाहिए?

हाँ, बेहतर रिजल्ट के लिए Uric Acidकी जांच खाली पेट करानी चाहिए।

2. क्या केवल डाइट से यूरिक एसिड कंट्रोल किया जा सकता है?

शुरुआती स्टेज में हां, लेकिन अधिक बढ़ने पर दवाओं की जरूरत होती है।

3. यूरिक एसिड का नॉर्मल लेवल कितना होता है?

  • पुरुष: 3.4 से 7.0 mg/dL
  • महिलाएं: 2.4 से 6.0 mg/dL

4. क्या Uric Acid से गठिया भी हो सकता है?

हाँ, हाई Uric Acid गाउट नामक गठिया का कारण बनता है।

5. क्या आयुर्वेद में इसका इलाज संभव है?

हां, आयुर्वेद में भी कई जड़ी-बूटियों और औषधियों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

हाई यूरिक एसिड कोई छोटी समस्या नहीं है। यदि इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यह किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। संतुलित आहार, नियमित जांच और सही जीवनशैली अपनाकर आप इसे कंट्रोल कर सकते हैं। यदि आपको जोड़ों में दर्द, बार-बार पथरी की समस्या या पेशाब में दिक्कत हो रही है, तो तुरंत जांच कराएं और डॉक्टर से परामर्श लें।

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