ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) – यह हड्डियों के जोड़ में घिसावट के कारण होता है। – उम्र बढ़ने पर यह सामान्य कारण बन जाता है।

सायटिका (Sciatica) – यह नस (sciatic nerve) में दबाव या सूजन से होता है। – दर्द कूल्हे से पैर तक फैल सकता है।

हिप लैब्रल टियर (Hip Labral Tear) – हिप जॉइंट की कार्टिलेज (Labrum) में चोट लगती है। – यह एथलीट्स में अधिक आम है।

मांसपेशियों में खिंचाव (Muscle Strain) – अधिक खिंचाव, भारी व्यायाम या अचानक मूवमेंट से मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है। – दर्द आमतौर पर चलने या सीढ़ी चढ़ने पर होता है।

हिप फ्रैक्चर (Hip Fracture) – बुढ़ापे में या गिरने के कारण हड्डी टूट सकती है। – तुरंत मेडिकल इमरजेंसी होती है।

बर्साइटिस (Bursitis) – हड्डी और मांसपेशियों के बीच मौजूद बर्सा (fluid-filled sac) में सूजन आ जाती है। – इससे हिप में तेज या जलन जैसी पीड़ा होती है।

गठिया (Rheumatoid Arthritis या Gout) – यह एक ऑटोइम्यून या यूरिक एसिड की अधिकता से जुड़ी बीमारी है। – इससे भी हिप जोड़ों में सूजन और दर्द हो सकता है।

टेन्डिनाइटिस (Tendinitis) – मांसपेशियों को जोड़ने वाले टेंडन में सूजन के कारण दर्द होता है। – यह आमतौर पर ओवरयूज़ या चोट के कारण होता है।