क्या एंजियोप्लास्टी कराने पर हार्ट फेलियर से बचा जा सकता है? एक विस्तृत जानकारी

हृदय रोगों की बढ़ती संख्या के बीच एक अहम सवाल लोगों के मन में आता है – क्या एंजियोप्लास्टी हार्ट फेलियर से बचा सकती है? यह प्रश्न इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि आज के समय में हृदय संबंधी समस्याएँ न केवल बुज़ुर्गों तक सीमित हैं, बल्कि युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। आधुनिक चिकित्सा प्रणाली ने इस दिशा में कई प्रभावशाली तकनीकें विकसित की हैं, जिनमें एंजियोप्लास्टी (Angioplasty) एक प्रमुख प्रक्रिया है।

इस लेख में हम जानेंगे कि हार्ट फेलियर क्या है, एंजियोप्लास्टी कैसे की जाती है, और यह हार्ट फेलियर को रोकने में कैसे मदद करती है।

हार्ट फेलियर क्या होता है? (What is Heart Failure?)

हार्ट फेलियर एक ऐसी स्थिति है जिसमें हृदय की पंप करने की क्षमता कम हो जाती है। इसका मतलब है कि हृदय शरीर की जरूरत के अनुसार रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुँचा पाता, जिससे शरीर के अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।

मुख्य लक्षण:

  • लगातार थकान रहना
  • सांस फूलना, विशेषकर चलने या लेटने पर
  • पैरों, टखनों या पेट में सूजन
  • तेजी से धड़कन होना
  • वजन तेजी से बढ़ना (fluid retention के कारण)

यह स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती है और अगर समय रहते इलाज न हो, तो जीवन के लिए खतरा बन सकती है।

एंजियोप्लास्टी क्या है? (What is Angioplasty?)

Angioplasty  एक मेडिकल प्रक्रिया है जो हृदय की ब्लॉक हो चुकी धमनियों को खोलने के लिए की जाती है। इस प्रक्रिया में एक पतली ट्यूब (कैथेटर) को धमनी के अंदर डाला जाता है, और ब्लॉकेज वाली जगह पर एक बलून फुलाया जाता है। इससे धमनी का संकुचित भाग खुल जाता है और रक्त प्रवाह सामान्य हो जाता है।

प्रक्रिया के चरण:

  1. लोकल एनेस्थीसिया देकर कैथेटर डाला जाता है।
  2. धमनी की रुकावट वाले स्थान तक पहुँचाया जाता है।
  3. वहां बलून को फुलाया जाता है जिससे ब्लॉकेज खुल जाता है।
  4. आवश्यकता पड़ने पर स्टेंट डाला जाता है जिससे धमनी फिर से सिकुड़े नहीं।

एंजियोप्लास्टी से हार्ट अटैक की संभावना कम होती है और लक्षणों से राहत मिलती है।

क्या एंजियोप्लास्टी हार्ट फेलियर से बचा सकती है? (Can Angioplasty Prevent Heart Failure?)

इस प्रश्न का उत्तर “हाँ, लेकिन कुछ शर्तों के साथ” है। आइए विस्तार से समझते हैं:

1. समय पर एंजियोप्लास्टी कराना ज़रूरी है:

यदि ब्लॉकेज की पहचान शुरुआती चरण में हो जाती है और उस समय एंजियोप्लास्टी की जाती है, तो यह हृदय की मांसपेशियों को नुकसान से बचा सकती है। इससे हार्ट फेलियर की स्थिति टल सकती है।

2. हार्ट मसल की कार्यक्षमता बनी हो:

यदि हृदय की पंपिंग क्षमता (ejection fraction) अभी भी ठीक-ठाक स्तर पर है, तो एंजियोप्लास्टी के बाद हृदय में सुधार होता है।

3. जीवनशैली में सुधार किया जाए:

केवल एंजियोप्लास्टी कराने से ही हार्ट फेलियर नहीं रुकेगा। यदि मरीज धूम्रपान करता रहे, व्यायाम न करे और दवाइयाँ न ले, तो स्थिति फिर से बिगड़ सकती है।

कैसे काम करती है एंजियोप्लास्टी हार्ट फेलियर की रोकथाम में?

  • रक्त प्रवाह सुधरता है: हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण मिलता है।
  • हृदय को अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती: जिससे मांसपेशियां थकती नहीं और कमजोर नहीं होतीं।
  • सीने में दर्द (एंजाइना) से राहत: जिससे जीवन की गुणवत्ता सुधरती है।
  • बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत कम होती है।

डॉक्टर्स की राय: विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

डॉ. आलोक वर्मा, वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट, अपोलो अस्पताल, दिल्ली बताते हैं:

“एंजियोप्लास्टी एक प्रभावशाली इलाज है लेकिन यह तब ही सफल होता है जब मरीज लक्षणों को गंभीरता से लें और समय पर उपचार करवाएं। देर होने पर हृदय की मांसपेशियों को इतना नुकसान हो जाता है कि उन्हें बचाना संभव नहीं होता।”

किन मरीजों को एंजियोप्लास्टी से लाभ हो सकता है?

  • जिनकी धमनी में 70% से अधिक ब्लॉकेज हो।
  • जिनके लक्षणों में लगातार सीने में दर्द, सांस की तकलीफ हो।
  • जिनका इकोकार्डियोग्राफी में EF (Ejection Fraction) 40-55% के बीच हो।
  • जिन्हें पहले हार्ट अटैक हो चुका हो, लेकिन मांसपेशियां अभी भी कुछ हद तक कार्यशील हों।

एंजियोप्लास्टी के बाद सावधानियाँ:

  1. दवाइयाँ समय पर लें: जैसे ब्लड थिनर, स्टैटिन, बीटा-ब्लॉकर आदि।
  2. धूम्रपान तुरंत छोड़ें।
  3. वजन को नियंत्रित रखें।
  4. लो-सॉल्ट और लो-फैट डाइट लें।
  5. हृदय विशेषज्ञ के साथ फॉलो-अप जारी रखें।

एंजियोप्लास्टी के जोखिम (Risks of Angioplasty):

हालांकि यह एक सुरक्षित प्रक्रिया है, लेकिन कुछ मामलों में निम्नलिखित जटिलताएं हो सकती हैं:

  • रक्तस्राव
  • किडनी पर प्रभाव (contrast dye के कारण)
  • धमनियों में दोबारा ब्लॉकेज
  • स्टेंट थ्रॉम्बोसिस (stent में खून का थक्का बनना)

लेकिन ये जोखिम न्यूनतम होते हैं जब प्रक्रिया किसी अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट द्वारा की जाए।

अन्य विकल्प क्या हैं?

अगर ब्लॉकेज बहुत जटिल है या कई जगहों पर है, तो डॉक्टर बाईपास सर्जरी (CABG) की सलाह दे सकते हैं। बाईपास सर्जरी भी हार्ट फेलियर के खतरे को कम कर सकती है, विशेषकर जब मांसपेशियाँ काफी हद तक बची हों।

निष्कर्ष (Conclusion)

एंजियोप्लास्टी हार्ट फेलियर की रोकथाम में एक प्रभावशाली और जीवनरक्षक प्रक्रिया है, बशर्ते यह सही समय पर की जाए और मरीज अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग हो। यह हृदय को दोबारा सामान्य रूप से कार्य करने में मदद करती है और हृदय की विफलता को टाल सकती है।

लेकिन ध्यान रहे – एंजियोप्लास्टी कोई जादुई इलाज नहीं है। यह एक मौका है, एक नया अवसर है – अपने हृदय की देखभाल करने का। यदि आप अपने जीवनशैली को नहीं बदलते, तो कोई भी चिकित्सा स्थायी समाधान नहीं बन सकती।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: क्या एंजियोप्लास्टी के बाद हार्ट फेलियर की संभावना समाप्त हो जाती है?
उत्तर: नहीं, लेकिन यह संभावना काफी कम हो जाती है यदि समय पर प्रक्रिया हो और उचित देखभाल की जाए।

Q2: एंजियोप्लास्टी कितनी सुरक्षित प्रक्रिया है?
उत्तर: यह एक सुरक्षित प्रक्रिया है, लेकिन यह विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा ही करानी चाहिए।

Q3: क्या एंजियोप्लास्टी के बाद दवाइयाँ जीवनभर लेनी पड़ती हैं?
उत्तर: हाँ, कुछ दवाइयाँ लंबे समय तक चल सकती हैं जैसे ब्लड थिनर और स्टैटिन।

Q4: क्या स्टेंट लगवाना ज़रूरी होता है?
उत्तर: अधिकतर मामलों में स्टेंट ज़रूरी होता है ताकि धमनी दोबारा न सिकुड़े।

Q5: क्या हार्ट फेलियर पूरी तरह ठीक हो सकता है?
उत्तर: हार्ट फेलियर एक नियंत्रित करने योग्य स्थिति है, लेकिन पूरी तरह ठीक होना दुर्लभ होता है।

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