गिलोय के 10 फायदे: आयुर्वेद की अमृत बेल जो सेहत का खजाना है

गिलोय (Tinospora Cordifolia) एक बहुवर्षीय बेलनुमा पौधा है जिसे आयुर्वेद में ‘अमृता’ भी कहा गया है — जिसका शाब्दिक अर्थ है “अमृत” या जीवनदायिनी”। गिलोय को उसके शक्तिशाली औषधीय गुणों के कारण इम्युनिटी बूस्टर, बुखार नाशक, पाचन सुधारक, और प्राकृतिक डिटॉक्स एजेंट के रूप में जाना जाता है। यह बेल आमतौर पर नीम या आम के पेड़ पर चढ़ती है, और उससे निकाली गई डंठल या तने का उपयोग दवा बनाने के लिए होता है।

आइए अब विस्तार से जानते हैं गिलोय के वैज्ञानिक रूप से सिद्ध 10+ से अधिक फायदे, सेवन का तरीका, सावधानियाँ और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न।

1. इम्युनिटी बढ़ाने में रामबाण

गिलोय प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्टर है। इसमें इम्युनोमॉड्युलेटरी गुण होते हैं जो शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता को बढ़ाते हैं। यह श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBCs) की क्रियाशीलता को बेहतर करता है और बैक्टीरिया, वायरस व फंगस से बचाता है।

कोविड-19 जैसी बीमारियों में भी गिलोय का सेवन इम्युनिटी बूस्टर के रूप में सुझाया गया था।

2. बुखार और वायरल इंफेक्शन में उपयोगी

गिलोय के एंटीपायरेटिक गुण बुखार को तेजी से कम करने में सहायक होते हैं। यह शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है और बार-बार होने वाले बुखार — जैसे डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर में लाभदायक होता है।

गिलोय का काढ़ा पीने से प्लेटलेट्स भी स्थिर रहती हैं, जो डेंगू में विशेष रूप से जरूरी है।

3. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर – एजिंग कम करता है

गिलोय में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करके कोशिकाओं को डैमेज से बचाते हैं। इससे आपकी त्वचा और शरीर दोनों लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं।

4. पाचन शक्ति को मजबूत बनाता है

गिलोय पाचन तंत्र पर बहुत अच्छा असर डालता है। यह अपच, एसिडिटी, गैस, और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है और आंतों की कार्यक्षमता को बढ़ाता है।

भोजन से पहले गिलोय का सेवन करने से भूख बेहतर लगती है और पोषण का अवशोषण ठीक से होता है।

5. डायबिटीज़ में उपयोगी

गिलोय का सेवन ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है। इसमें hypoglycemic गुण होते हैं जो टाइप-2 डायबिटीज़ वाले लोगों के लिए फायदेमंद हैं।

ध्यान दें: डायबिटीज़ की दवा लेने वाले मरीज Giloy का सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करें।

6. मानसिक तनाव और चिंता को कम करता है

गिलोय में मौजूद एडेप्टोजेनिक गुण मानसिक थकान, चिंता, अवसाद और नींद न आने जैसी समस्याओं को कम करते हैं। यह दिमाग को शांत करता है और फोकस बढ़ाता है।

7. त्वचा और बालों की सेहत के लिए उपयोगी

Giloy रक्त को शुद्ध करता है जिससे त्वचा रोगों जैसे एक्ने, फोड़े-फुंसी, एलर्जी, सोरायसिस आदि में राहत मिलती है। यह स्किन में नैचुरल ग्लो लाता है।

Giloy का पेस्ट फेसपैक में मिलाकर लगाया जा सकता है।

8. गठिया और जोड़ों के दर्द में राहत

Giloy में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण होते हैं जो गठिया, जोड़ों के दर्द, सूजन और मांसपेशियों की जकड़न में राहत देते हैं। Giloy को हल्दी या अदरक के साथ लेना अधिक प्रभावशाली होता है।

9. लिवर और किडनी डिटॉक्स करता है

Giloy शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है। यह लिवर की कोशिकाओं को रिपेयर करता है और fatty liver, jaundice जैसी समस्याओं में सहायक हो सकता है।

10. कैंसर से लड़ने में सहायक

कुछ वैज्ञानिक शोध यह दर्शाते हैं कि Giloy कैंसर की कोशिकाओं की वृद्धि को रोक सकता है। यह इम्यून सिस्टम को इतना मजबूत बनाता है कि शरीर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से मुकाबला कर सके।

Giloy को कैंसर के इलाज में केवल वैद्यकीय परामर्श के साथ ही प्रयोग करें।

गिलोय का सेवन कैसे करें?

प्रकारसेवन विधिमात्रासमय
काढ़ागिलोय, तुलसी, अदरक मिलाकर उबालें1 कपसुबह खाली पेट
टैबलेटमार्केट में उपलब्ध1-2 टैबलेटसुबह-शाम
जूसरेडीमेड या घर पर बना15-30 mlसुबह खाली पेट
पाउडरगर्म पानी या शहद में मिलाकर½ चम्मचरोजाना 1 बार
बेल का टुकड़ापीसकर पानी में उबालें5-6 इंचकाढ़ा बनाएं

गिलोय के नुकसान और सावधानियाँ

हालांकि giloy प्राकृतिक है, लेकिन इसका अधिक या अनियंत्रित सेवन कुछ लोगों में समस्याएं उत्पन्न कर सकता है:

1-हाइपोग्लाइसीमिया: डायबिटीज़ की दवा के साथ लेने पर शुगर बहुत कम हो सकती है।

2-ऑटोइम्यून रोग: जैसे ल्यूपस या RA वाले मरीजों को डॉक्टर की सलाह से ही सेवन करना चाहिए।

3-गर्भवती महिलाएं: प्रेगनेंसी में giloy का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के न करें।

4-लिवर एंजाइम पर प्रभाव: कुछ स्टडीज़ में giloyसे लिवर फंक्शन में बदलाव देखा गया है, खासकर बहुत ज्यादा मात्रा में लेने पर।

निष्कर्ष

गिलोय एक बहुगुणी औषधि है जिसे आप आयुर्वेद की “अमृत बेल” कह सकते हैं। यह शरीर को ना केवल रोगमुक्त बनाती है बल्कि दीर्घकालीन स्वास्थ्य के लिए एक सुरक्षा कवच भी है। लेकिन कोई भी औषधि तभी प्रभावशाली होती है जब उसका सही मात्रा में और सही समय पर सेवन किया जाए। बेहतर होगा कि इसका सेवन शुरू करने से पहले किसी योग्य आयुर्वेदाचार्य या डॉक्टर से परामर्श लें।

FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. गिलोय कितने समय तक ले सकते हैं?

उत्तर: 3 महीने तक नियमित सेवन सुरक्षित माना जाता है। लंबे समय तक सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

Q2. क्या गिलोय बच्चों को दिया जा सकता है?

उत्तर: हाँ, लेकिन 5 साल से ऊपर के बच्चों को ही और बहुत सीमित मात्रा में, डॉक्टर की सलाह से दें।

Q3. क्या गिलोय वजन कम करने में मदद करता है?

उत्तर: गिलोय मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिल सकती है।

Q4. क्या गिलोय को खाली पेट लेना चाहिए?

उत्तर: हाँ, अधिकतम लाभ के लिए giloy का सेवन सुबह खाली पेट करना चाहिए।

Q5. गिलोय और अश्वगंधा को एक साथ ले सकते हैं क्या?

उत्तर: हाँ, दोनों इम्युनिटी और मानसिक तनाव में सहायक हैं, लेकिन संयमित मात्रा और परामर्श के साथ लें।

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