मलेरिया एक खतरनाक और जानलेवा बीमारी है जो मादा एनोफिलीज़ मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर प्लाज्मोडियम नामक परजीवी को शरीर में पहुंचाता है, जो कि रक्त में पहुंचकर संक्रमण फैलाता है। वयस्कों की तुलना में छोटे बच्चे, विशेष रूप से 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, इस बीमारी की चपेट में जल्दी आते हैं और उनके लिए इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर साल लाखों बच्चे इस बीमारी के कारण बीमार पड़ते हैं और अनेक मामलों में मृत्यु भी हो जाती है। यह लेख आपको बताएगा कि छोटे बच्चों को इस बीमारी से कैसे बचाया जा सकता है, इसके लक्षण क्या हैं, उपचार कैसे होता है, और बचाव के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
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मलेरिया बच्चों को कैसे प्रभावित करता है?
बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) वयस्कों की तुलना में कमजोर होती है। इसलिए जब कोई बच्चा मलेरिया संक्रमित मच्छर के संपर्क में आता है, तो उसके शरीर में संक्रमण तेजी से फैल सकता है। अगर समय रहते इलाज न मिले, तो मलेरिया गंभीर रूप ले सकता है जैसे:
- सेरेब्रल मलेरिया (Cerebral Malaria) – मस्तिष्क को प्रभावित करता है
- हीमोग्लोबिन में गिरावट – खून की कमी
- दौरे पड़ना (Seizures)
- अंग विफलता (Organ failure)
मलेरिया के लक्षण बच्चों में
बच्चों में मलेरिया के लक्षण वयस्कों से थोड़े अलग और तेजी से बढ़ने वाले हो सकते हैं। ध्यान देने योग्य मुख्य लक्षण निम्न हैं:
- बार-बार तेज बुखार (अक्सर शाम को)
- कंपकंपी और पसीना आना
- थकान और सुस्ती
- उल्टी या मितली
- भूख न लगना
- कभी-कभी दौरे या बेहोशी
- पीलापन (खासकर आँखों और त्वचा में)
- डायरिया और पानी की कमी
यदि ऊपर दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और रक्त जांच करवाएं।
मलेरिया से छोटे बच्चों को बचाने के प्रभावी उपाय
1. मच्छरों से बचाव ही है असली उपाय
मलेरिया का कोई टीका (वैक्सीन) बड़े पैमाने पर अभी तक सभी के लिए उपलब्ध नहीं है। इसलिए सबसे बेहतर उपाय यही है कि मच्छरों को बच्चों से दूर रखा जाए।
👉 मच्छरदानी का उपयोग करें
- बच्चों के लिए इनसेक्टिसाइड ट्रीटेड मच्छरदानी (insecticide-treated nets) सबसे प्रभावी मानी जाती है।
- बच्चे को दिन और रात सोते समय पूरी तरह मच्छरदानी से ढककर सुलाएं।
👉 पूरे कपड़े पहनाएं
- बच्चों को पूरी बांह की शर्ट, पैंट और मोजे पहनाएं, खासकर शाम के समय जब मच्छर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं।
👉 मच्छर भगाने वाली क्रीम और स्प्रे
- बाज़ार में बच्चों के लिए विशेष रूप से बनाई गई माइल्ड मच्छर भगाने वाली क्रीम उपलब्ध होती है।
- त्वचा पर लगाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
2. घर और आस-पास की सफाई रखें
मलेरिया फैलाने वाले मच्छर गंदगी और रुके हुए साफ पानी में पनपते हैं।
- कूलर, टंकी, फूलदान, टायर में जमा पानी को हर 3-4 दिन में खाली करें।
- नालियों और गड्ढों में पानी जमा न होने दें।
- यदि मच्छरों की संख्या ज्यादा हो, तो लार्वा नाशक दवाओं का छिड़काव करवाएं।
3. मच्छर रोधी उपकरणों का प्रयोग
- इलेक्ट्रिक लिक्विड वैपोराइज़र, मच्छर मारने वाली बैट, मच्छर कॉइल, और अगरबत्ती का प्रयोग करें, लेकिन बच्चों के कमरे में इनके उपयोग में सावधानी बरतें।
- खिड़कियों और दरवाज़ों पर जाली (mesh) लगवाएं।
4. घर के अंदर मच्छरों की एंट्री रोके
- शाम को दरवाज़े और खिड़कियाँ बंद रखें।
- कमरे में पंखे चलाएं क्योंकि तेज हवा मच्छरों को दूर रखने में मदद करती है।
5. यात्रा करते समय सावधानी
यदि आप किसी ऐसे क्षेत्र में जा रहे हैं जहां मलेरिया अधिक पाया जाता है (जैसे जंगल, झीलों के पास या गांव), तो:
- पूरी तैयारी के साथ जाएं (मच्छरदानी, दवाएं, क्रीम)
- डॉक्टर से पहले से प्रोफाइलेक्टिक मलेरिया दवा के बारे में सलाह लें।
इलाज की प्रक्रिया
अगर आपका बच्चा मलेरिया से संक्रमित पाया जाता है, तो डॉक्टर नीचे दिए गए तरीकों से इलाज करते हैं:
- ब्लड टेस्ट से पुष्टि
सबसे पहले मलेरिया की जांच के लिए रक्त की जांच की जाती है – Rapid Diagnostic Test (RDT) या Microscopic Test। - दवाएं
डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटी-मलेरियल दवाएं दी जाती हैं। आमतौर पर आर्टीमिसिनिन बेस्ड थेरेपी (ACT) दी जाती है। - हॉस्पिटल में भर्ती
यदि संक्रमण गंभीर है, तो बच्चे को अस्पताल में भर्ती किया जा सकता है जहां उसे ड्रिप, ऑक्सीजन, और अन्य सपोर्ट मिलते हैं।
कुछ जरूरी सुझाव
- बच्चे को समय पर टीकाकरण दिलाएं।
(हालांकि मलेरिया का टीका सामान्य टीकाकरण सूची में नहीं है, फिर भी अन्य बीमारियों से सुरक्षा जरूरी है।) - बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं, जैसे –
पौष्टिक आहार, साफ पानी, फल और सब्ज़ियाँ देना। - हर महीने दंत चिकित्सा और सामान्य जांच करवाते रहें।
- सर्दी, जुकाम या कमजोरी को हल्के में न लें – कई बार ये मलेरिया के शुरूआती संकेत हो सकते हैं।
निष्कर्ष
मलेरिया एक गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी है। छोटे बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। थोड़ी सी जागरूकता, साफ-सफाई और सतर्कता अपनाकर हम मलेरिया जैसे खतरनाक संक्रमण से अपने बच्चों को बचा सकते हैं।
बच्चों की हंसी और सेहत हमारे देश का भविष्य है। आइए, उन्हें मलेरिया से बचाकर एक स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ाएं।
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