माथे की झुर्रियाँ: बार-बार सोचने से माथा सिकुड़ता है, जिससे स्थायी रेखाएँ पड़ सकती हैं।

चेहरे पर थकावट: दिमागी थकावट का असर चेहरे पर दिखता है, जिससे आप हमेशा थके-थके लगते हैं।

त्वचा की चमक कम होना: अत्यधिक सोच के कारण रक्त संचार धीमा होता है, जिससे स्किन डल और मुरझाई सी लगती है।

जबड़े की जकड़न: टेंशन में जबड़े कस जाते हैं, जिससे जॉ लाइन पर तनाव आता है और दर्द भी हो सकता है।

चेहरे पर सूजन: अनिद्रा और मानसिक थकावट से चेहरे पर हल्की सूजन आ सकती है।

आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स: स्ट्रेस और नींद की कमी के कारण आंखों के नीचे काले घेरे बन जाते हैं।

आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स: स्ट्रेस और नींद की कमी के कारण आंखों के नीचे काले घेरे बन जाते हैं।