हर साल 25 मई को ‘वर्ल्ड थायरॉयड डे’ (World Thyroid Day) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य थायरॉयड ग्रंथि से जुड़ी समस्याओं के बारे में जागरूकता फैलाना और लोगों को उनके स्वास्थ्य के प्रति सतर्क करना होता है। थायरॉयड एक छोटी सी ग्रंथि है जो गर्दन के निचले हिस्से में पाई जाती है, लेकिन इसका असर पूरे शरीर के मेटाबॉलिज्म, एनर्जी लेवल, वजन, त्वचा, बाल, मूड और यहां तक कि प्रजनन क्षमता तक पर पड़ता है।
Table of Contents
महिलाओं में थायरॉयड (वर्ल्ड थायरॉयड) की समस्याएं क्यों आम हैं?
वर्ल्ड थायरॉयड:- थायरॉयड से जुड़ी बीमारियाँ जैसे हाइपोथायरॉयडिज़्म (थायरॉयड की कमी) और हाइपरथायरॉयडिज़्म (थायरॉयड की अधिकता) महिलाओं में पुरुषों की तुलना में कई गुना ज्यादा पाई जाती हैं। इसके पीछे कई कारण हैं:
1. हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance)
महिलाओं के शरीर में हार्मोनल परिवर्तन अधिक होते हैं — जैसे पीरियड्स, प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज — जिससे थायरॉयड ग्रंथि प्रभावित हो सकती है।
2. ऑटोइम्यून रोग (Autoimmune Diseases)
महिलाओं में ऑटोइम्यून बीमारियाँ जैसे हाशिमोटो थायरॉयडिटिस (Hashimoto’s Thyroiditis) और ग्रेव्स डिजीज (Graves’ Disease) अधिक होती हैं, जो थायरॉयड ग्रंथि को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
3. स्ट्रेस और लाइफस्टाइल
अत्यधिक मानसिक तनाव, खराब नींद, असंतुलित खानपान और जीवनशैली भी महिलाओं में थायरॉयड (वर्ल्ड थायरॉयड) समस्याओं का कारण बनते हैं।
थायरॉयड की सामान्य लक्षण (Common Symptoms of Thyroid Disorders)
हाइपोथायरॉयडिज़्म (थायरॉयड हार्मोन की कमी):
- थकान और कमजोरी
- वजन बढ़ना
- ठंड सहन न होना
- बालों का झड़ना
- याददाश्त कमजोर होना
- डिप्रेशन या उदासी
- पीरियड्स का अनियमित होना
हाइपरथायरॉयडिज़्म (थायरॉयड हार्मोन की अधिकता):
- तेजी से वजन घटना
- घबराहट या बेचैनी
- हाथों का कांपना
- नींद न आना
- दिल की धड़कन तेज होना
- बार-बार भूख लगना
- मासिक धर्म में गड़बड़ी
थायरॉयड की जांच कैसे होती है? (How is Thyroid Diagnosed?)
वर्ल्ड थायरॉयड:- थायरॉयड की समस्याओं की पुष्टि के लिए खून की जांच की जाती है जिसमें निम्नलिखित प्रमुख टेस्ट शामिल होते हैं:
- TSH (Thyroid Stimulating Hormone)
- T3 और T4
- Anti-TPO Antibodies (ऑटोइम्यून थायरॉयड के लिए)
यदि कोई व्यक्ति उपरोक्त लक्षणों का अनुभव कर रहा है, तो उसे जल्द से जल्द थायरॉयड प्रोफाइल जांच करानी चाहिए।
महिलाओं में थायरॉयड प्रबंधन के लिए उपाय (How Women Can Manage Thyroid Problems)
1. नियमित जांच कराएं
30 की उम्र के बाद हर महिला को साल में एक बार थायरॉयड टेस्ट करवाना चाहिए, खासकर यदि परिवार में थायरॉयड का इतिहास हो।
2. आयोडीन युक्त आहार लें
थायरॉयड हार्मोन के निर्माण में आयोडीन जरूरी है। नमक में आयोडीन का सेवन करें और थायरॉयड पेशेंट डाइटिशियन से सलाह लें।
3. तनाव को नियंत्रित करें
ध्यान (Meditation), योग और पर्याप्त नींद से मानसिक तनाव को कम करें। स्ट्रेस का सीधा असर थायरॉयड पर पड़ता है।
4. संतुलित आहार लें
- हरी सब्जियां, फल, नट्स, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त भोजन लें।
- प्रोसेस्ड फूड, चीनी और अधिक कैफीन से परहेज करें।
- सेलेनियम, जिंक और विटामिन D युक्त खाद्य पदार्थ लाभकारी होते हैं।
5. दवा नियमित लें
यदि डॉक्टर ने थायरॉयड की दवा दी है (जैसे Thyroxine), तो उसे खाली पेट और नियमित समय पर लें। भूलने या अनियमित लेने से दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
थायरॉयड और महिलाओं की प्रजनन क्षमता (Thyroid and Women’s Fertility)
वर्ल्ड थायरॉयड:- थायरॉयड हार्मोन महिला हार्मोन प्रोजेस्टेरॉन और एस्ट्रोजन को प्रभावित करता है। यदि थायरॉयड असंतुलित हो, तो इससे पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं और गर्भधारण में भी समस्या आ सकती है। गर्भवती महिलाओं के लिए थायरॉयड कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इससे गर्भ में पल रहे शिशु के विकास पर भी असर पड़ सकता है।
आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय (Ayurvedic & Natural Remedies)
- त्रिफला चूर्ण, अश्वगंधा, और ब्राह्मी जैसी जड़ी-बूटियाँ थायरॉयड को संतुलित करने में मदद कर सकती हैं।
- खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू और शहद का सेवन लाभकारी होता है।
- नियमित व्यायाम और सूर्य नमस्कार थायरॉयड ग्रंथि को सक्रिय बनाए रखने में सहायक होते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
वर्ल्ड थायरॉयड डे 2025 के अवसर पर यह समझना जरूरी है कि थायरॉयड कोई मामूली समस्या नहीं है, विशेषकर महिलाओं के लिए। सही समय पर पहचान, नियमित जांच, संतुलित जीवनशैली और दवा से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। आज ही अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और थायरॉयड से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें।
5 महत्वपूर्ण FAQ
1. महिलाओं में थायरॉयड ज्यादा क्यों होता है?
वर्ल्ड थायरॉयड:- महिलाओं में हार्मोनल बदलाव (जैसे पीरियड्स, प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज) अधिक होते हैं, जिससे थायरॉयड ग्रंथि अधिक संवेदनशील होती है। इसके अलावा, ऑटोइम्यून बीमारियाँ भी महिलाओं में अधिक पाई जाती हैं, जो थायरॉयड को प्रभावित करती हैं।
2. थायरॉयड के सामान्य लक्षण क्या हैं?
थकान, वजन बढ़ना/घटना, बाल झड़ना, मूड स्विंग, पीरियड्स अनियमित।
3. क्या थायरॉयड की दवा जीवनभर लेनी पड़ती है?
कुछ मामलों में हां, पर डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
4. क्या थायरॉयड गर्भधारण को प्रभावित करता है?
हां, असंतुलित थायरॉयड से प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है।
इन्हे पढ़िए:-
अर्थ्रोस्कोपी क्या है? और इसमें कितना खर्चा आता है? | Arthroscopy in Hindi
क्या 2025 में COVID-19 फिर से लौट रहा है? जानिए पूरी सच्चाई
IBS के मरीजों के लिए कौन सा दूध है सबसे बेहतर? एक्सपर्ट से जानें