अर्थ्रोस्कोपी क्या है? और इसमें कितना खर्चा आता है? | Arthroscopy in Hindi

अर्थ्रोस्कोपी:- आज के समय में जोड़ो से जुड़ी समस्याएं आम होती जा रही हैं, चाहे वह युवाओं में खेल के दौरान होने वाली चोट हो या बुजुर्गों में बढ़ती उम्र के कारण घुटनों या कंधों का दर्द। ऐसी स्थितियों में पारंपरिक सर्जरी की जगह अब अर्थ्रोस्कोपी (Arthroscopy) को एक बेहतर विकल्प माना जा रहा है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि अर्थ्रोस्कोपी क्या है? और इसमें कितना खर्चा आता है? साथ ही इसके फायदे, प्रक्रिया, रिकवरी और अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब भी।

Table of Contents

अर्थ्रोस्कोपी क्या है? (What is Arthroscopy in Hindi)

Arthroscopy एक मिनिमली इनवेसिव सर्जिकल तकनीक है, जिसमें जोड़ (joint) के अंदर की स्थिति को देखने और इलाज करने के लिए एक विशेष उपकरण “अर्थ्रोस्कोप” का उपयोग किया जाता है। यह एक पतला टेलीस्कोप जैसा कैमरा होता है, जिसे एक छोटे चीरे से जोड़ के भीतर डाला जाता है।

इस तकनीक की मदद से डॉक्टर जोड़ के भीतर मौजूद संरचनाओं – जैसे लिगामेंट, कार्टिलेज, हड्डियों और टिशूज़ – को साफ-साफ देख सकते हैं और उसी समय अगर जरूरत हो तो इलाज भी कर सकते हैं।

अर्थ्रोस्कोपी की प्रक्रिया कैसे होती है? (Arthroscopy Procedure)

Arthroscopy की प्रक्रिया पूरी तरह से आधुनिक उपकरणों पर आधारित होती है और इसमें मरीज को ज्यादा समय अस्पताल में नहीं बिताना पड़ता। यह प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में होती है:

  1. एनेस्थीसिया देना – स्थानीय, रीजनल या जनरल एनेस्थीसिया का उपयोग किया जाता है।
  2. छोटे चीरे लगाना – आमतौर पर 2–3 छोटे चीरे जोड़ के आसपास बनाए जाते हैं।
  3. अर्थ्रोस्कोप कैमरा डालना – एक चीरे से कैमरा डालकर जोड़ के भीतर की स्क्रीनिंग की जाती है।
  4. सर्जिकल टूल्स का उपयोग – दूसरे चीरे से सर्जिकल उपकरण डालकर आवश्यक मरम्मत की जाती है।
  5. चीरे बंद करना – अंत में चीरे टांके या स्ट्रिप्स से बंद कर दिए जाते हैं।

अर्थ्रोस्कोपी किन स्थितियों में की जाती है?

Arthroscopy का उपयोग विभिन्न प्रकार की समस्याओं में किया जाता है, जिनमें शामिल हैं:

  • घुटने का दर्द या सूजन
  • लिगामेंट इंजरी (जैसे ACL, PCL tear)
  • कंधे की बार-बार डिसलोकेशन
  • मेनिस्कस टियर (Meniscus tear)
  • कार्टिलेज की क्षति
  • जोड़ का लॉक हो जाना या मूवमेंट रुकना
  • कलाई, टखना या कोहनी की चोटें

अर्थ्रोस्कोपी किन जोड़ों पर की जा सकती है?

Arthroscopy लगभग सभी प्रमुख जोड़ों पर की जा सकती है:

जोड़ का नामसामान्य उपयोग
घुटना (Knee)सबसे अधिक – ACL, Meniscus
कंधा (Shoulder)रोटेटर कफ, SLAP tear
टखना (Ankle)लिगामेंट डैमेज
कोहनी (Elbow)जकड़न, लॉकिंग
कलाई (Wrist)TFCC tear
हिप (Hip)लैब्रम टियर

अर्थ्रोस्कोपी के फायदे (Benefits of Arthroscopy)

  • कम चीरे – पारंपरिक सर्जरी के मुकाबले छोटे चीरे होते हैं।
  • जल्दी रिकवरी – 1 से 2 हफ्तों में सामान्य गतिविधियों में वापसी संभव।
  • कम दर्द और सूजन – कम इनवेसिव होने के कारण जल्दी राहत।
  • दिन में ही छुट्टी – कई मामलों में मरीज को उसी दिन घर भेजा जा सकता है।
  • स्पोर्ट्स पर्सन के लिए लाभदायक – खेलों से जुड़े लोगों को जल्दी मैदान में वापसी का मौका।

अर्थ्रोस्कोपी में कितना खर्चा आता है? (Arthroscopy Cost in India)

अब बात करते हैं सबसे अहम सवाल की – Arthroscopy में कितना खर्चा आता है?

👉 खर्च किस पर निर्भर करता है?

  • जोड़ का प्रकार (घुटना, कंधा, टखना आदि)
  • अस्पताल की श्रेणी (सरकारी, निजी, कॉर्पोरेट)
  • डॉक्टर की विशेषज्ञता
  • इस्तेमाल की गई तकनीक और उपकरण
  • अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि
  • बीमा कवरेज है या नहीं

भारत में अनुमानित खर्च (2025 के अनुसार):

अर्थ्रोस्कोपी प्रकारअनुमानित खर्चा (INR)
घुटना (Knee)₹60,000 – ₹1,50,000
कंधा (Shoulder)₹70,000 – ₹1,80,000
टखना/कोहनी₹50,000 – ₹1,20,000
सरकारी अस्पताल₹10,000 – ₹30,000
बीमा से कवर80% तक राशि कवर हो सकती है

अर्थ्रोस्कोपी के बाद रिकवरी और देखभाल

  • आराम करना जरूरी – पहले कुछ दिन विशेष सावधानी बरतें।
  • बर्फ से सिकाई – सूजन और दर्द के लिए अत्यंत लाभकारी।
  • फिजियोथेरेपी – मांसपेशियों की मजबूती और मूवमेंट के लिए जरूरी।
  • डॉक्टर की दवाएं – दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाएं लें।
  • भारी कार्य से बचें – कम से कम 2 हफ्ते तक भारी उठाने या दौड़ने से बचें।

क्या अर्थ्रोस्कोपी के कोई नुकसान या रिस्क हैं?

हालांकि यह प्रक्रिया सुरक्षित मानी जाती है, फिर भी कुछ कम जोखिम मौजूद होते हैं:

  • संक्रमण (Infection)
  • नसों को हल्की चोट
  • अस्थायी सूजन या अकड़न
  • जोड़ में दोबारा दर्द
  • ब्लड क्लॉट (rare case)

इन जोखिमों से बचने के लिए अनुभवी सर्जन का चयन और रिकवरी के नियमों का पालन अनिवार्य है।

FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. अर्थ्रोस्कोपी कितने समय में ठीक हो जाती है?

A. अधिकतर मरीज 7 से 15 दिन में सामान्य दिनचर्या में लौट सकते हैं, लेकिन पूरी रिकवरी में 4 से 6 सप्ताह भी लग सकते हैं।

Q2. क्या अर्थ्रोस्कोपी में टांके लगते हैं?

A. हां, परंतु बहुत ही छोटे टांके होते हैं, जो 2–3 हफ्तों में अपने आप ठीक हो जाते हैं।

Q3. क्या यह सर्जरी दर्दनाक होती है?

A. प्रक्रिया के दौरान एनेस्थीसिया दिया जाता है, जिससे दर्द महसूस नहीं होता। सर्जरी के बाद हल्का दर्द कुछ दिन रहता है।

Q4. क्या यह सर्जरी सरकारी अस्पतालों में भी होती है?

A. हां, एम्स (AIIMS) और कुछ राज्य स्तरीय सरकारी अस्पतालों में यह सुविधा कम लागत पर उपलब्ध है।

Q5. क्या मेडिकल इंश्योरेंस अर्थ्रोस्कोपी को कवर करता है?

A. अधिकतर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी Arthroscopy को कवर करती हैं, लेकिन आपको अपने बीमा प्रदाता से पुष्टि करनी चाहिए।

निष्कर्ष

“Arthroscopy क्या है? और इसमें कितना खर्चा आता है?” – इस सवाल का जवाब अब आपके सामने है। यह तकनीक जोड़ों की समस्याओं के निदान और इलाज में एक आधुनिक, सुरक्षित और असरदार समाधान बन चुकी है। अगर समय रहते सही सर्जन से Arthroscopy करवाई जाए, तो मरीज बहुत जल्दी स्वस्थ हो सकता है।

यदि आपके मन में और कोई सवाल है, तो कमेंट या मैसेज करके पूछ सकते हैं।

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