IBS के मरीजों के लिए कौन सा दूध है सबसे बेहतर? एक्सपर्ट से जानें

IBS यानी इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (Irritable Bowel Syndrome) एक ऐसा गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिसऑर्डर है जो लाखों लोगों को प्रभावित करता है। इसके लक्षणों में पेट दर्द, सूजन, गैस, डायरिया या कब्ज (या दोनों) शामिल हैं। यह कोई खतरनाक बीमारी नहीं है, लेकिन इसके लक्षण व्यक्ति की जीवनशैली और भोजन की गुणवत्ता को काफी प्रभावित कर सकते हैं।

आईबीएस का कोई निश्चित इलाज नहीं है, लेकिन सही आहार और जीवनशैली में बदलाव से इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका दूध और डेयरी उत्पादों की होती है।

कई बार आईबीएस मरीजों को दूध पीने के बाद गैस, सूजन या दस्त की शिकायत होती है। इसकी एक बड़ी वजह होती है लैक्टोज इन्टॉलरेंस, यानी शरीर में लैक्टोज (दूध में पाई जाने वाली शुगर) को पचाने वाले एंजाइम की कमी। ऐसे में जरूरी है कि आईबीएस से पीड़ित लोग ऐसा दूध चुनें जो पचने में आसान हो और लक्षणों को बढ़ाए नहीं।

तो आइए जानते हैं कि आईबीएस के मरीजों के लिए कौन सा दूध सबसे बेहतर होता है, और कौन-से विकल्पों को आज़माया जा सकता है।

1. लैक्टोज-फ्री दूध – IBS मरीजों के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प

लैक्टोज-फ्री दूध उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जिन्हें सामान्य दूध पीने से गैस या डायरिया जैसी समस्याएं होती हैं। इस दूध में से लैक्टोज को निकाल दिया गया होता है या उसमें लैक्टेज एंजाइम मिलाया जाता है जिससे पाचन आसान हो जाता है।

लैक्टोज-फ्री गाय का दूध स्वाद और पोषण के मामले में सामान्य दूध जैसा ही होता है, लेकिन ये पेट को परेशान नहीं करता।

फायदे:

  • पेट फूलना और गैस की शिकायत नहीं होती
  • कैल्शियम और विटामिन D की अच्छी मात्रा
  • स्वाद में बदलाव नहीं

2. प्लांट-बेस्ड दूध – एक हल्का और सहनशील विकल्प

आजकल मार्केट में कई तरह के प्लांट-बेस्ड दूध उपलब्ध हैं, जो आईबीएस मरीजों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं। इनमें लैक्टोज नहीं होता, और यह आमतौर पर पचाने में आसान होते हैं।

A. बादाम दूध (Almond Milk)

बादाम दूध हल्का, कम वसा वाला और स्वादिष्ट होता है। इसमें लैक्टोज नहीं होता और यह आसानी से पच जाता है।

फायदे:

  • कम कैलोरी
  • विटामिन E से भरपूर
  • पाचन में आसान

सावधानी: बिना शुगर और बिना प्रिज़रवेटिव वाला वर्जन चुनें।

B. नारियल दूध (Coconut Milk)

नारियल दूध में मध्यम चेन फैटी एसिड्स (MCFAs) होते हैं जो जल्दी पच जाते हैं। यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जिन्हें दूध के साथ-साथ नट्स से भी एलर्जी है।

फायदे:

  • सूजन कम करने वाला
  • हल्का और क्रीमी

सावधानी: हाई फैट वर्जन से बचें क्योंकि अधिक फैट आईबीएस ट्रिगर कर सकता है।

C. ओट्स दूध (Oat Milk)

ओट्स दूध एक फाइबर युक्त विकल्प है, लेकिन हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं होता क्योंकि अधिक फाइबर कभी-कभी गैस बढ़ा सकता है।

सलाह: पहले कम मात्रा में ट्राई करें और शरीर की प्रतिक्रिया देखें।

3. सोया दूध – कुछ लोगों के लिए बेहतर, कुछ के लिए नहीं

सोया दूध भी प्लांट-बेस्ड विकल्प है, लेकिन यह सभी IBS मरीजों को सूट नहीं करता। कुछ लोगों को इससे गैस या ब्लोटिंग की शिकायत हो सकती है।

फायदे:

  • प्रोटीन से भरपूर
  • शुगर फ्री वर्जन उपलब्ध

सावधानी: यदि पहले से सोया फूड्स से दिक्कत रही है तो इससे बचें।

4. भैंस का दूध या पूर्ण वसा वाला दूध – बचें इससे

आईबीएस मरीजों को फुल फैट दूध या भैंस का दूध आमतौर पर भारी लगता है। इसमें फैट की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे पाचन में समस्या हो सकती है।

सुझाव: यदि आप डेयरी का सेवन करना ही चाहते हैं तो टोन्ड दूध या स्किम्ड मिल्क को लैक्टोज फ्री वर्जन में ट्राय करें।

5. दही और छाछ – कभी-कभी फायदे भी दे सकते हैं

हालांकि ये दूध से बने होते हैं, लेकिन इनमे प्रोबायोटिक बैक्टीरिया होते हैं जो पेट की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

सुझाव:

  • बिना नमक और बिना मसाले वाली छाछ लें
  • घर का बना ताजा दही लें
  • खट्टा या बहुत पुराना दही न लें

एक्सपर्ट की सलाह:

गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट्स का मानना है कि हर IBS मरीज की प्रतिक्रिया अलग होती है, इसलिए किसी भी दूध को शुरू करने से पहले थोड़ी मात्रा में ट्राय करें। FODMAP डाइट (एक विशेष प्रकार की डाइट जिसमें गैस बढ़ाने वाले तत्वों को कम किया जाता है) के अनुसार लो-फोडमैप दूध जैसे लैक्टोज फ्री दूध, बादाम दूध आदि IBS के लिए सुरक्षित माने जाते हैं।

निष्कर्ष:

IBS के मरीजों को दूध का चयन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। यदि आपको नियमित दूध से परेशानी होती है, तो लैक्टोज-फ्री या प्लांट-बेस्ड दूध जैसे बादाम, नारियल या ओट्स दूध बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

हर व्यक्ति की सहनशीलता अलग होती है, इसलिए नया दूध शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें या अपने शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या IBS में दूध पीना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए?

उत्तर: नहीं, दूध पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। लैक्टोज-फ्री या प्लांट-बेस्ड दूध को आजमाया जा सकता है जो पाचन में आसान होते हैं।

2. क्या दही IBS में फायदेमंद हो सकती है?

उत्तर: प्रोबायोटिक युक्त ताजा दही कुछ लोगों के लिए लाभकारी हो सकती है, लेकिन सभी के लिए नहीं। शुरुआत में कम मात्रा में लें।

3. कौन सा प्लांट-बेस्ड दूध IBS के लिए सबसे बेहतर है?

उत्तर: बादाम दूध और नारियल दूध लो-फोडमैप होने की वजह से IBS में सुरक्षित माने जाते हैं।

4. क्या सोया दूध IBS को ट्रिगर कर सकता है?

उत्तर: हां, कुछ लोगों को इससे गैस या सूजन हो सकती है। पहले कम मात्रा में लें और रिएक्शन देखें।

5. क्या बच्चों में IBS होने पर भी यही दूध दिए जा सकते हैं?

उत्तर: बच्चों के लिए विशेष देखभाल जरूरी होती है। डॉक्टर की सलाह के बाद ही लैक्टोज-फ्री या प्लांट-बेस्ड दूध दें।

अगर आप भी IBS से पीड़ित हैं और दूध से जुड़ी समस्याएं झेल रहे हैं, तो इस जानकारी को फॉलो करें और अपने खानपान में समझदारी से बदलाव लाएं। सही दूध का चुनाव करके आप अपने लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं।

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