पुरुष बांझपन एक बढ़ती हुई वैश्विक समस्या है, जो हर 7 में से 1 जोड़े को प्रभावित करती है। इसमें 40-50% मामलों में पुरुषों से संबंधित कारण शामिल होते हैं। पुरुष बांझपन उस स्थिति को कहा जाता है जब एक पुरुष नियमित और असुरक्षित यौन संबंधों के एक वर्ष के बाद भी अपनी महिला साथी को गर्भवती नहीं कर पाता। यह समस्या चिकित्सा, पर्यावरणीय और जीवनशैली संबंधी कई कारणों से हो सकती है। इसके कारणों को समझना, लक्षणों को पहचानना और सही उपचार अपनाना गर्भधारण की संभावना को काफी बढ़ा सकता है।
Table of Contents
इस लेख में नीचे कुछ महत्वपूर्ण बिंदु दिए गए है:-
- पुरुष बांझपन के कारण
- लक्षण और जोखिम कारक
- नैदानिक जांच
- उपचार विकल्प
- बचाव और जीवनशैली में बदलाव
- 5 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. पुरुष बांझपन के कारण
पुरुष बांझपन कई कारणों से हो सकता है जो शुक्राणु की संख्या, गतिशीलता या डिलीवरी को प्रभावित करते हैं:
A. शुक्राणु विकार
- कम शुक्राणु संख्या (ओलिगोस्पर्मिया) – प्रति मिलीलीटर वीर्य में 15 मिलियन से कम शुक्राणु।
- कम गतिशीलता (एस्थेनोस्पर्मिया) – शुक्राणु तैर नहीं पाते या अंडाणु तक नहीं पहुँच पाते।
- असामान्य आकार (टेराटोज़ोस्पर्मिया) – विकृत शुक्राणु अंडाणु को निषेचित नहीं कर पाते।
B. चिकित्सकीय स्थितियाँ
- वेरीकोसील – अंडकोष में बढ़ी हुई नसें शुक्राणु उत्पादन को प्रभावित करती हैं (सबसे सामान्य और उपचार योग्य कारण)।
- संक्रमण – यौन संचारित रोग (गोनोरिया, एचआईवी), मम्प्स या प्रोस्टेट संक्रमण।
- हार्मोन असंतुलन – टेस्टोस्टेरोन की कमी या थायरॉयड समस्याएँ।
- आनुवंशिक विकार – क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम, सिस्टिक फाइब्रोसिस, या Y क्रोमोसोम दोष।
C. संरचनात्मक और स्खलन संबंधी समस्याएँ
- रुकावटें – नसबंदी, संक्रमण या जन्मजात दोषों के कारण।
- रेट्रोग्रेड स्खलन – वीर्य मूत्राशय में चला जाता है।
D. पर्यावरणीय और जीवनशैली कारक
- विषैले तत्व – कीटनाशक, भारी धातु (सीसा), विकिरण आदि।
- अत्यधिक गर्मी – सॉना, हॉट टब या टाइट कपड़े।
- नशे की लत – धूम्रपान, स्टेरॉयड, अत्यधिक शराब सेवन।
2. पुरुष बांझपन के लक्षण
कई बार पुरुषों में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, केवल गर्भधारण में समस्या होती है। लेकिन कुछ संकेत हो सकते हैं:
- कामेच्छा की कमी या स्तंभन दोष
- अंडकोष में सूजन, दर्द या गांठ
- चेहरे/शरीर के बालों में कमी (हार्मोन असंतुलन)
- असामान्य वीर्य (पानी जैसा, गाढ़ा या रंग बदला हुआ)
- गाइनेकोमैस्टिया (पुरुषों में स्तन वृद्धि)
कब डॉक्टर से मिलें?
- यदि आप 1 साल तक प्रयास के बाद भी गर्भधारण नहीं कर पाए हों (या महिला की उम्र 35 से अधिक हो तो 6 महीने बाद)।
3. पुरुष बांझपन की जांचें
यूरोलॉजिस्ट या फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट निम्नलिखित जांचें कर सकते हैं:
A. वीर्य विश्लेषण
- शुक्राणुओं की संख्या, गति और आकार की जांच।
- दो बार नमूना देना अधिक सटीक परिणाम देता है।
B. हार्मोन टेस्ट
- टेस्टोस्टेरोन, एफएसएच, एलएच और प्रोलैक्टिन की जाँच।
C. इमेजिंग टेस्ट
- स्क्रोटल अल्ट्रासाउंड – वेरीकोसील या रुकावट का पता लगाता है।
- ट्रांसरेक्टल अल्ट्रासाउंड – प्रोस्टेट और स्खलन नलिकाओं की जांच।
D. जेनेटिक और बायोप्सी टेस्ट
- Y क्रोमोसोम माइक्रो-डिलीशन टेस्ट – आनुवंशिक दोषों की पहचान।
- अंडकोष की बायोप्सी – गंभीर मामलों में शुक्राणु उत्पादन की जांच।
4. उपचार विकल्प
A. दवाइयाँ
- क्लोमीफीन – टेस्टोस्टेरोन बढ़ाता है।
- एंटीबायोटिक्स – संक्रमण के लिए।
B. सर्जिकल उपचार
- वेरीकोसील सर्जरी – 40% मामलों में शुक्राणु गुणवत्ता सुधारती है।
- नसबंदी रिवर्सल – शुक्राणु प्रवाह बहाल करता है।
C. सहायक प्रजनन तकनीक (ART)
- आईयूआई (IUI) – साफ किए गए शुक्राणु को गर्भाशय में डाला जाता है।
- आईवीएफ + आईसीएसआई (IVF + ICSI) – एक शुक्राणु को सीधे अंडाणु में इंजेक्ट किया जाता है।
D. जीवनशैली में बदलाव
- धूम्रपान छोड़ें और शराब सीमित करें
- स्वस्थ वजन बनाए रखें – मोटापा टेस्टोस्टेरोन घटाता है।
- अत्यधिक गर्मी से बचें
5. रोकथाम के उपाय
- मम्प्स जैसी बीमारियों के खिलाफ टीकाकरण कराएं
- विषैले रसायनों से बचें
- तनाव नियंत्रित करें – उच्च कोर्टिसोल हार्मोन शुक्राणु उत्पादन को प्रभावित करता है।
5 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. क्या पुरुष बांझपन का इलाज संभव है?
हाँ, कई मामलों में संभव है। वेरीकोसील सर्जरी, हार्मोन थेरेपी या IVF से मदद मिल सकती है।
2. क्या हस्तमैथुन से शुक्राणु घटते हैं?
नहीं, लेकिन अगर अति की जाए तो अंडाणु के समय शुक्राणु उपलब्धता कम हो सकती है।
3. शुक्राणु गुणवत्ता सुधारने में कितना समय लगता है?
लगभग 3 महीने, क्योंकि शुक्राणु 74 दिनों में पूरी तरह से विकसित होते हैं।
4. क्या टाइट अंडरवियर से बांझपन हो सकता है?
संभवतः हाँ। इससे अंडकोष का तापमान बढ़ सकता है और अस्थायी रूप से शुक्राणु की संख्या घट सकती है।
5. क्या पुरुष बांझपन आनुवंशिक हो सकता है?
कभी-कभी। क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम या सिस्टिक फाइब्रोसिस जैसे विकार वंशानुगत हो सकते हैं।
निष्कर्ष
पुरुष बांझपन एक जटिल लेकिन उपचार योग्य स्थिति है। वीर्य परीक्षण, हार्मोन जांच और इमेजिंग से समय पर निदान किया जा सकता है। उपचार में दवाएं, सर्जरी या उन्नत IVF तकनीकें शामिल हैं। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाया जा सकता है।
यदि आप गर्भधारण में कठिनाई का सामना कर रहे हैं, तो फर्टिलिटी विशेषज्ञ से संपर्क करें। याद रखें, बांझपन का मतलब नपुंसकता नहीं होता—सही उपचार से कई पुरुष सफलतापूर्वक पिता बन सकते हैं।
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