आज के दौर में खानपान की आदतें तेजी से बदल रही हैं। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर किसी की थाली में कभी न कभी नॉन वेज शामिल होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि नॉन वेज खाना आपकी सेहत, खासकर यूरिक एसिड के स्तर को प्रभावित कर सकता है?
यूरिक एसिड की अधिकता आज एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन गई है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि क्या नॉन वेज खाना वास्तव में यूरिक एसिड बढ़ाने का कारण है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
Table of Contents
यूरीक एसिड में नॉन वेज खाना हो सकता है नुकसानदायक
नॉन वेज यानी मांसाहारी भोजन जैसे मटन, चिकन, अंडा, मछली आदि में प्यूरिन नामक तत्व अधिक मात्रा में पाया जाता है।
जब प्यूरिन हमारे शरीर में टूटता है, तो उससे यूरिक एसिड बनता है। यदि यह यूरिक एसिड किडनी से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाता, तो यह शरीर में जमने लगता है और गठिया (Gout) जैसी समस्या उत्पन्न करता है।
नॉन वेज का अत्यधिक सेवन:
- शरीर में यूरिक एसिड के निर्माण को बढ़ा देता है।
- खासकर रेड मीट और कुछ मछलियाँ ज्यादा नुकसानदायक होती हैं।
- रोजाना या बार-बार नॉन वेज खाना शरीर के मेटाबॉलिज़्म को बिगाड़ सकता है।
ज्यादा नॉन वेज खाने के नुकसान
- जोड़ों में सूजन और तेज दर्द
- गठिया (Gout) का खतरा – यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें यूरिक एसिड क्रिस्टल के रूप में जोड़ों में जम जाता है।
- किडनी स्टोन (पथरी) – यूरिक एसिड की अधिकता से किडनी में पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है।
- ब्लड प्रेशर में असंतुलन
- शरीर में भारीपन और थकान
- डायजेशन प्रॉब्लम्स – ज्यादा प्रोटीन लेने से पेट में जलन या कब्ज भी हो सकता है।
इन सभी समस्याओं का सीधा संबंध हमारी डाइट और उसमें मौजूद प्यूरिन की मात्रा से होता है।
यूरिक एसिड बढ़ने पर क्या खाना चाहिए?
यदि आपके शरीर में यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है, तो आपको अपने भोजन में कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- भरपूर पानी पिएँ (दिन में 2.5–3 लीटर)
- फाइबर युक्त फल और सब्जियाँ जैसे सेब, नाशपाती, पपीता, गाजर, टमाटर
- नींबू पानी या नारियल पानी, जिससे शरीर डिटॉक्स होता है
- लो फैट दूध और दही, जो प्रोटीन का अच्छा स्रोत भी होते हैं
- अंकुरित अनाज जैसे मूंग और चना
इन खाद्य पदार्थों से यूरिक एसिड का स्तर धीरे-धीरे कम किया जा सकता है।
किस नॉन वेज आइटम से ज्यादा खतरा है?
हर नॉन वेज आइटम यूरिक एसिड के लिए हानिकारक नहीं होता, लेकिन कुछ विशेष खाद्य पदार्थ अधिक जोखिम भरे माने जाते हैं:
- रेड मीट (मटन, बीफ, पोर्क) — इसमें प्यूरिन की मात्रा सबसे ज्यादा होती है
- मछलियाँ जैसे सार्डिन, हेरिंग, ऐंकोवी — यह सीफूड प्यूरिन में बहुत समृद्ध होते हैं
- अंतड़ियाँ, लिवर आदि अंग के मांस — इन्हें “organ meat” कहा जाता है और ये सबसे ज्यादा uric acid बढ़ाते हैं
इसलिए यदि किसी को पहले से uric acid की समस्या है, तो उन्हें इन आइटम्स से परहेज़ करना चाहिए।
नॉन वेज के साथ क्या सावधानी रखें?
नॉन वेज पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है, लेकिन कुछ सावधानियाँ ज़रूर बरतनी चाहिए:
- सप्ताह में केवल 1–2 बार ही खाएं
- उबला हुआ या ग्रिल्ड नॉन वेज चुनें — तला हुआ और मसालेदार नहीं
- खाने के बाद नींबू पानी पिएँ या गर्म पानी
- बियर और शराब का सेवन बंद करें — ये भी uric acid बढ़ाते हैं
- खाने के साथ सलाद, हरी सब्जियाँ और रोटी शामिल करें
इन उपायों से आप बिना सेहत बिगाड़े नॉन वेज का आनंद ले सकते हैं।
क्या अंडा और चिकन सुरक्षित हैं?
- अंडे का सफेद भाग (Egg White) — इसमें प्यूरिन लगभग नहीं के बराबर होता है। इसलिए यह सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
- चिकन — अगर सही मात्रा में खाया जाए और उबला या ग्रिल किया हुआ हो, तो यह नुकसान नहीं करता।
- अंडे की ज़र्दी (Yolk) — ज़्यादा मात्रा में न लें क्योंकि इसमें फैट और कोलेस्ट्रॉल होता है।
यानी uric acid मरीज अंडा और चिकन सीमित मात्रा में खा सकते हैं — पर fried या spicy न हो।
यूरिक एसिड कंट्रोल में रखने के लिए क्या करें?
- रोजाना व्यायाम करें — जैसे हल्की वॉक, योग या साइकलिंग
- तनाव कम करें — तनाव भी हार्मोन असंतुलन और uric acid बढ़ने का कारण बन सकता है
- रात को जल्दी सोएं और नींद पूरी लें
- डेली डाइट में अलसी के बीज, आंवला, लौकी, खीरा शामिल करें
- पैकेट वाला खाना, कोल्ड ड्रिंक और मिठाइयाँ कम करें
यह सभी उपाय uric acid को नैचुरली कम करने में मदद करते हैं।
निष्कर्ष
नॉन वेज भोजन पूरी तरह से नुकसानदायक नहीं है, लेकिन यदि आप पहले से यूरिक एसिड की समस्या से जूझ रहे हैं तो आपको सावधानी की ज़रूरत है।
समझदारी से चुना गया नॉन वेज, सही मात्रा और संतुलन से सेवन किया जाए तो इससे सेहत को नुकसान नहीं होगा।
अपना खानपान संतुलित रखें, खूब पानी पिएँ और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाएँ — यही स्वस्थ शरीर की कुंजी है।
Read Also this:-
क्या सोशल मीडिया की वजह से लड़कियों में PCOS की समस्या बढ़ रही है?