डायबिटीज और अस्थमा एक साथ में हो जाएं, तो क्या करें? जाने इसके 10 उपाय

डायबिटीज और अस्थमा: आजकल की बदलती जीवनशैली और खानपान के चलते डायबिटीज और अस्थमा जैसे रोग आम होते जा रहे हैं। लेकिन जब ये दोनों एक साथ किसी व्यक्ति को हो जाएं, तो उपचार और देखभाल में विशेष सतर्कता की आवश्यकता होती है। दोनों ही बीमारियाँ लंबे समय तक चलने वाली होती हैं और यदि इनका सही तरीके से इलाज न किया जाए, तो जीवन की गुणवत्ता पर बुरा असर डाल सकती हैं।

आज इस लेख में हम इन दोनों बीमारियों के बारे में चर्चा करेंगे। और साथ ही इसने कैसे बचा जाये इसके बारे में जानकारी देंगे।

डायबिटीज और अस्थमा के बीच संबंध

1. रिसर्च से यह साबित हुआ है कि अस्थमा के मरीजों में डायबिटीज होने का खतरा ज्यादा होता है।

2. कुछ स्टेरॉइड दवाइयाँ, जो अस्थमा के इलाज में दी जाती हैं, वे ब्लड शुगर को बढ़ा सकती हैं।

3. डायबिटीज के कारण इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है, जिससे अस्थमा की स्थिति और बिगड़ सकती है।

यदि आपको दोनों रोग हों तो क्या करें?

1. डॉक्टर की सलाह से दवाइयाँ लें (विशेष रूप से स्टेरॉइड्स के लिए)

  1. अस्थमा के इलाज में उपयोग होने वाली इन्हेल्ड स्टेरॉइड्स ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकती हैं।
  2. ऐसे में डॉक्टर को जरूर बताएं कि आपको डायबिटीज भी है, ताकि वह सही डोज़ और वैकल्पिक दवा सुझा सकें।

2. ब्लड शुगर और सांस की स्थिति पर नियमित निगरानी रखें

दिन में कम से कम दो बार ब्लड शुगर चेक करें

अस्थमा का ट्रिगर नोट करें जैसे धूल, ठंडी हवा, परफ्यूम आदि और उनसे बचें।

एक पीक फ्लो मीटर रखें जिससे सांस की स्थिति को समय-समय पर जांचा जा सके।

3. खानपान में विशेष ध्यान दें

डायबिटीज के लिए:

  • हाई फाइबर डाइट लें (जैसे ओट्स, साबुत अनाज, हरी सब्जियाँ)
  • मीठा, सफेद ब्रेड, मैदे से बनी चीजें न खाएं
  • कम मात्रा में, लेकिन बार-बार भोजन करें

अस्थमा के लिए:

बहुत गरम या बहुत ठंडा भोजन न करें

एंटीऑक्सिडेंट युक्त फल (जैसे सेब, जामुन, आंवला) लें

दही, ठंडी चीजें और प्रोसेस्ड फूड से बचें

4. वजन नियंत्रित रखें

मोटापा दोनों ही बीमारियों को और बिगाड़ सकता है:

  • अस्थमा में सांस लेने में दिक्कत
  • डायबिटीज में ब्लड शुगर कंट्रोल करना कठिन

हफ्ते में 4–5 दिन 30 मिनट हल्का व्यायाम, योग या वॉक करें।

5. तनाव से बचें और नींद पूरी लें

तनाव से:

  • शुगर लेवल बढ़ सकता है
  • अस्थमा का अटैक ट्रिगर हो सकता है

ध्यान, प्राणायाम, गहरी नींद और संगीत का सहारा लें।

घरेलू उपाय (डॉक्टर की सलाह के साथ ही अपनाएँ)

समस्याउपाय
डायबिटीजमेथी दाना, करेला जूस, आंवला
अस्थमाअदरक, तुलसी का काढ़ा, भाप लेना

Note: यह उपाय डॉक्टर की सलाह के साथ ही करें, खुद से दवाइयों में बदलाव न करें।

क्या न करें (सावधानियाँ):

अस्थमा के दौरे के समय भारी भोजन न करें।

डायबिटीज की दवाइयाँ छोडना या समय पर न लेना।

स्मोकिंग और शराब दोनों बीमारियों को बेहद नुकसान पहुँचाते हैं।

बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी नई दवा न लें।

डायबिटीज और अस्थमा से बचने के 10 असरदार उपाय

डायबिटीज और अस्थमा दो ऐसी पुरानी बीमारियाँ हैं जो जीवन को लंबे समय तक प्रभावित कर सकती हैं। यदि समय रहते सही सावधानियाँ अपनाई जाएं, तो इनसे बचा जा सकता है या इनके असर को कम किया जा सकता है। नीचे बताए गए 10 उपाय अपनाकर आप इन दोनों बीमारियों से काफी हद तक सुरक्षित रह सकते हैं:

1. संतुलित और पौष्टिक आहार लें

स्वस्थ भोजन सबसे पहली जरूरत है। अपनी डाइट में फल, हरी सब्ज़ियाँ, साबुत अनाज, और दालों को शामिल करें। चीनी, मैदा, कोल्ड ड्रिंक और फास्ट फूड से जितना हो सके, बचें। ऐसा आहार न केवल ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है, बल्कि फेफड़ों को भी स्वस्थ बनाए रखता है।

2. रोजाना नियमित व्यायाम करें

दिन में कम से कम 30 मिनट तेज़ चलना, योग, या हल्का कार्डियो व्यायाम जरूर करें। व्यायाम से वजन नियंत्रण में रहता है और सांस लेने की क्षमता बढ़ती है, जिससे अस्थमा और डायबिटीज दोनों में फायदा मिलता है।

3. शरीर का वजन संतुलित रखें

अधिक वजन या मोटापा दोनों बीमारियों (डायबिटीज और अस्थमा ) को जन्म दे सकता है। बॉडी मास इंडेक्स (BMI) को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। मोटापा ब्लड शुगर बढ़ाता है और फेफड़ों पर दबाव डालता है, जिससे अस्थमा की स्थिति बिगड़ सकती है।

4. धूम्रपान और शराब से पूरी तरह बचें

स्मोकिंग अस्थमा को तेज़ी से बढ़ाता है और शराब शरीर की इंसुलिन क्षमता को कम कर देती है। ये दोनों आदतें इम्युनिटी को कमजोर करती हैं और डायबिटीज व अस्थमा के खतरे को कई गुना बढ़ा देती हैं।

5. एलर्जी, धूल और प्रदूषण से दूर रहें

अस्थमा के रोगियों के लिए ये सबसे आम ट्रिगर हैं। घर में साफ-सफाई रखें, धूल से बचने के लिए मास्क पहनें, और परफ्यूम या धुएं वाले स्थानों से दूर रहें। साथ ही, वातावरण की नमी और तापमान का ध्यान रखें।

6. मानसिक तनाव कम करें

तनाव हार्मोनल असंतुलन पैदा करता है जो डायबिटीज और अस्थमा दोनों को बिगाड़ सकता है। मेडिटेशन, प्राणायाम, और अपनी पसंद की एक्टिविटी (जैसे म्यूजिक, पढ़ना, टहलना) अपनाएं ताकि तनाव नियंत्रित रहे।

7. भरपूर और गुणवत्तापूर्ण नींद लें

हर दिन कम से कम 7–8 घंटे की नींद लें। नींद की कमी से इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, जिससे शरीर संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील बन जाता है। नींद अच्छी होगी तो शरीर का प्राकृतिक रक्षा तंत्र मजबूत रहेगा।

8. नियमित मेडिकल चेकअप कराएं

हर 3–6 महीने में ब्लड शुगर, HbA1c और फेफड़ों की कार्यक्षमता (PFT टेस्ट) की जांच जरूर करवाएं। इससे किसी भी शुरुआती लक्षण का पता चल जाता है और इलाज आसान होता है।

9. इम्युनिटी बढ़ाने वाले प्राकृतिक तत्वों का सेवन करें

आंवला, तुलसी, हल्दी, अदरक जैसे प्राकृतिक तत्व रोज़ाना आहार में शामिल करें। ये न केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं, बल्कि श्वसन तंत्र और ब्लड सर्कुलेशन को भी मजबूत करते हैं।

10. दवाइयों का नियमित सेवन और डॉक्टर की सलाह जरूर लें

यदि आपको कोई शुरुआती लक्षण हैं या आप पहले से किसी बीमारी (डायबिटीज और अस्थमा ) से ग्रसित हैं, तो दवाइयों का सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करें। कभी भी स्वयं दवा बंद न करें या डोज़ में बदलाव न करें।

निष्कर्ष:

डायबिटीज और अस्थमा दोनों ही जीवनभर साथ रहने वाले रोग हैं, लेकिन अगर आप अपने खानपान, दवाइयों, व्यायाम और जीवनशैली पर सही तरीके से ध्यान दें, तो इन दोनों बीमारियों (डायबिटीज और अस्थमा ) को एक साथ भी आसानी से कंट्रोल में रखा जा सकता है। नियमित चेकअप, डॉक्टर की सलाह और आत्म-अनुशासन ही इसका सबसे बेहतर समाधान है।

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