ओरल हेल्थ कैंसर मरीजों के लिए क्यों है जीवन रक्षक? – जाने AIIMS की रिपोर्ट के अनुसार

ओरल हेल्थ कैंसर: कैंसर एक गंभीर और जटिल बीमारी है, जिसका इलाज कीमोथेरेपी, रेडिएशन और सर्जरी जैसे कठिन उपायों के ज़रिए किया जाता है। लेकिन अब नई रिसर्च यह दिखा रही है कि सिर्फ दवाइयां ही नहीं, बल्कि एक सामान्य सी चीज़ — “ओरल हेल्थ” यानी मुंह की सफाई और देखभाल — भी कैंसर की रिकवरी और सर्वाइवल रेट में बड़ा योगदान दे सकती है। भारत के शीर्ष मेडिकल संस्थान AIIMS (एम्स), नई दिल्ली की हालिया रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान यदि मरीज अपनी ओरल हेल्थ का ध्यान रखें तो उनकी रिकवरी बेहतर होती है और जान बचने की संभावना भी बढ़ जाती है।

कैंसर और ओरल हेल्थ का क्या है संबंध?

कैंसर ट्रीटमेंट, खासकर कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) को कमजोर कर देती है। ऐसे में शरीर किसी भी संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है। मुंह एक ऐसा स्थान है जहाँ पहले से ही हजारों बैक्टीरिया मौजूद रहते हैं। यदि इस दौरान ओरल हाइजीन का ध्यान नहीं रखा जाए तो ये बैक्टीरिया शरीर के अंदर जाकर गंभीर संक्रमण पैदा कर सकते हैं।

AIIMS की रिसर्च में यह पाया गया कि जो कैंसर मरीज नियमित रूप से ब्रश करते हैं, माउथवॉश का उपयोग करते हैं और मुंह की स्वच्छता बनाए रखते हैं, उनमें इलाज के साइड इफेक्ट्स कम होते हैं और रिकवरी भी तेजी से होती है।

AIIMS की रिपोर्ट में क्या कहा गया?

AIIMS द्वारा 300 से ज्यादा कैंसर मरीजों पर अध्ययन किया गया, जिसमें यह देखा गया कि ओरल हेल्थ पर ध्यान देने वाले मरीजों की स्थिति दूसरे मरीजों से बेहतर रही:

40% कम हुआ माउथ इंफेक्शन का खतरा

30% तक घटे अल्सर और मुंह के छाले

25% तेजी से हुई रिकवरी

20% तक बढ़ा सर्वाइवल रेट

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ओरल हेल्थ से होने वाले फायदे कैंसर के दौरान

1. इंफेक्शन से बचाव

दवाओं और इलाज के कारण शरीर कमजोर हो जाता है, और यदि मुंह में छाले, सूजन या इंफेक्शन हो जाए तो इलाज और ज्यादा जटिल हो सकता है। साफ मुंह संक्रमण से सुरक्षा देता है।

2. खाने में आसानी

जब मुंह में छाले या घाव होते हैं, तो मरीज कुछ खा नहीं पाते। लेकिन यदि ओरल केयर सही हो तो वे बेहतर खा सकते हैं, जिससे शरीर को ज़रूरी पोषण मिल पाता है।

3. दवाओं के साइड इफेक्ट्स कम होते हैं

कीमोथेरेपी या रेडिएशन से मुंह में जलन, सूखापन और बदबू हो सकती है। यदि ओरल हेल्थ सही रहे तो इन दुष्प्रभावों से काफी राहत मिलती है।

4. मानसिक संतुलन बना रहता है

एक ताजा मुंह और अच्छी सांस मरीज को आत्मविश्वास देता है और मानसिक रूप से राहत पहुंचाता है।

डॉक्टरों की ओरल केयर सलाह कैंसर मरीजों के लिए

AIIMS के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने कैंसर मरीजों के लिए निम्नलिखित ओरल हेल्थ टिप्स सुझाए हैं:

1- रोजाना सुबह-शाम माइल्ड टूथब्रश से ब्रश करें

2- अल्कोहल-फ्री माउथवॉश का प्रयोग करें

3- हर भोजन के बाद गरारे या कुल्ला जरूर करें

4- बहुत गर्म, ठंडा या तीखा खाना न खाएं

5- धूम्रपान और शराब से पूरी तरह परहेज़ करें

6- नियमित रूप से डेंटल स्पेशलिस्ट से जांच कराएं

कैंसर मरीजों के लिए स्पेशल डेंटल केयर की ज़रूरत

AIIMS की रिपोर्ट के अनुसार, कई कैंसर मरीजों को यह पता ही नहीं होता कि उनका डेंटल स्वास्थ्य भी इलाज का हिस्सा है। इसलिए विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि कैंसर ट्रीटमेंट शुरू होने से पहले और दौरान डेंटल सर्जन से सलाह जरूर ली जाए। अब कई हॉस्पिटल्स में “ऑन्कोडेंटिस्ट” यानी ऐसे डेंटिस्ट होते हैं जो खासतौर पर कैंसर मरीजों की ओरल हेल्थ पर काम करते हैं।

आज भी भारत में कैंसर को लेकर जागरूकता की कमी है। जब मरीज की जान इलाज पर निर्भर हो, तब एक छोटी सी लापरवाही, जैसे कि ओरल हाइजीन की अनदेखी, गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए जरूरी है कि परिवारजन, डॉक्टर और मरीज खुद भी ओरल हेल्थ को प्राथमिकता दें।

निष्कर्ष (Conclusion)

AIIMS की रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो चुका है कि कैंसर के इलाज में ओरल हेल्थ कोई साधारण चीज नहीं, बल्कि एक जीवन रक्षक भूमिका निभाती है। अच्छी मुंह की सफाई न सिर्फ संक्रमण से बचाती है, बल्कि खाने-पीने, दवा को सहन करने और मानसिक स्थिति को भी बेहतर बनाती है। इससे मरीज का इलाज अधिक प्रभावशाली होता है और सर्वाइवल रेट में भी इज़ाफा होता है।

अगर आपके आसपास कोई कैंसर मरीज है, तो इस लेख को उनके साथ ज़रूर साझा करें — क्योंकि एक साफ मुंह, एक लंबा जीवन दे सकता है।

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